जनाब पांच रुपये में तो चाय भी नहीं मिलती

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता रशीद मसूद के दिल्ली में पांच रुपये में खाना मिलने से जुड़े बयान पर आम लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आम और गरीब तबके के लोगों का कहना है कि खाना तो छोड़िए दिल्ली में पांच रुपये में चाय भी नहीं मिलती। राजधानी में सस्ती चाय भी सात से आठ रुपये में मिलती है और तो और शहर के किसी भी इलाके में समोसा भी पांच रुपए में नहीं मिलता। बताते चलें कि दिल्ली में सबसे सस्ती थाली पंद्रह रुपये की है जो दिल्ली सरकार द्वारा संचालित आहार योजना के तहत मिलती है।
यमुनापार के रिक्शा चालक विजय के अनुसार पांच रुपये में दिल्ली में खाना मिलना मुश्किल है। किसी भी इलाके में भोजन की सबसे सस्ती थाली पंद्रह से लेकर तीस रुपये से शुरू होती है। वहीं मायापुरी स्थित एक फैक्टरी में कार्यरत अर्जुन यादव का कहना है कि मायापुरी इलाके की रेहड़ी-पटरी पर भी खाना पंद्रह से बीस रुपये में मिलता है। इनका कहना है कि पांच रुपये में कहीं भी खाना नहीं मिलता है। एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत दिलीप ओझा का कहना है कि आज से दस साल पहले दिल्ली में रेहड़ी-पटरी की दुकानों पर पांच रुपये में खाने की थाली मिल जाती थी, लेकिन अब इतने सस्ते रेट पर कहीं भी खाने की थाली नहीं मिलती।

अपनी इच्छा पर है पेट भरने का खर्च
आम आदमी का पेट तो एक रुपये में भी भर सकता है या 100 रुपये में भी खाली रह सकता है। ये तो इससे तय होगा कि आप खाना क्या चाहते हैं।

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