
कुल्लू। हिमाचल किसान सभा कुल्लू, आम जनता, किसानों और मजदूरों तथा छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र की यूपीए तथा प्रदेश कांग्रेस सरकार के खिलाफ 4 को हल्ला बोलेगी। 4 जून को सभा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करेगी। इसमें सीटू तथा एसएफआई भी शामिल रहेगी।
हिमाचल किसान सभा के राज्य सहसचिव एवं जिला कुल्लू के महासचिव होतम सिंह सौंखला ने कहा कि कुल्लू में सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है। कई जगह में बसों की कमी है। पीने और सिंचाई के पानी के लिए लोग तरस रहे हैं। सौंखला ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार भी इन समस्याओं के समाधान करने में विफल रही है। वर्तमान कांग्रेस सरकार भी इस ओर ध्यान देकर चुनाव बेला पर जनता को विकास करने का झांसा दे रही है।
उन्होंने बताया कि रामशिला-ग्राहण-जगोट सड़क 20 वर्षों से पक्का होने का इंतजार कर रही है। गाहर, राऊगी, सौर, कोटाधार, भूमतीर और चतानी, कोटाआगे के लिए ग्रामीणों की बार-बार मांग करने पर भी बस सेवा नहीं दी जा रही है। जनता को मात्र झूठे आश्वासन देकर ठगा जा रहा है। सेऊबाग में जीप योग्य पुल न होने से किसान और बागवानों को फल-सब्जी रामशीला होकर ले जाना पड़ता है। बंदरों और आवारा पशुओं से किसानों की फसलों को बचाने की सरकार ठोस नीति नहीं बना रही है। सीटू के जिला सचिव राजेश ठाकुर ने कहा कि मजदूरों को न्यूनतम वेतन प्रतिमाह दस हजार रुपये और पेंशन देने की मांग को प्रदर्शन के माध्यम से उठाएंगे। श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सुविधाएं मजदूरों को नहीं मिलती। परियोजनाओं में कार्यरत कंपनियों को श्रम कानूनों का उल्लंघन करने की छूट सरकार ने दे रखी है। किसान-मजदूरों, छात्रों और आम जनता की मांगों का मांगपत्र प्रदेश सरकार को 4 जून को प्रदर्शन करके उपायुक्त के माध्यम से भेजा जाएगा।
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