जनजातीय क्षेत्रों में खर्च होंगे 746 करोड़

उदयपुर । मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के चहुमुखी विकास पर इस वित्त वर्ष में 764 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जनजातीय क्षेत्रों के चार दिवसीय दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को लाहौल-स्पीति उदयपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी। उन्होंने ने कहा कि बरसात के दिनों बाढ़ से प्रभावित करपट गांव को जोड़ने वाला पुल के बहने से अब यहां 10 लाख की लागत से तार स्पेन लगाया जाएगा। उदयुपर में बन रहे स्टेेडियम पर चिंता जताते हुए इसे सर्दी से पूर्व तैयार करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार की ओर से बजट की कोई कमी नहीं है। लाहौल घाटी में पावर प्रोजेक्टों के निर्माण के समय स्थानीय लोगों के हित सर्वोपरि रखे जाएंगे। केंद्र की यूपीए सरकार ने नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू किया है। इससे आम लोगों के हितों की रक्षा होगी। खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आम आदमी को भोजन का अधिकार मिलेगा। प्रदेश सरकार पहले लोगों को सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध करवा रही है, यह योजना भी जारी रहेगी। इससे पहले सांसद प्रतिभा सिंह ने भी जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति समेत मंडी लोकसभा क्षेत्र के सभी इलाकों के विकास के लिए वे हरसंभव प्रयास कर रही हैं।
इस मौके पर विधायक रवि ठाकुर, पूर्व विधायक रघुवीर सिंह ठाकुर, जनजातीय सलाहकार समिति के सदस्य प्यारे लाल, पंचायत प्रधान शमशेर सिंह, कांग्रेस नेता जयराम, संसार चंद और युकां अध्यक्ष दीपक ठाकुर ने भी अपने विचार रखे। ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष दलीप बौद्ध ने सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वीसी फारका, प्रशासनिक सलाहकार टीजी नेगी, जिलाधीश वीर सिंह ठाकुर, एसपी जी शिव कुमार, कांग्रेस और इसके फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी, पंचायतीराज संस्थाओं पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
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अधर में लटकी परियोजनाओं की होगी जांच
केलांग। मुख्यमंत्री ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद वर्षों से अधर में लटकीं परियोजनाओं के लिए जांच आयोग बिठाया जाएगा। सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्ती की जाएगी। लाहौल घाटी में सिंधवाड़ी, सुमनम, ओथंग में नहरों का निर्माण करीब बीस साल से जारी है। बावजूद इसके उन परियोजनाओं का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि उदयपुर स्टेडियम का निर्माण कार्य उनके सांसद के कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया है, लेकिन करीब 25 साल बाद भी स्टेडियम का निर्माण अधूरा है। विभागीय अधिकारियों को हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के साथ गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाएगा।

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