
अमृतसर: अंतरराष्ट्रीय अटारी बार्डर स्थित आई. सी. पी. (इंटैगरेटड चैक पोस्ट) में करोड़ों रुपए के जिप्सम की बरबादी के बाद प्रबंधकों ने छुआरे और नमक को तो कवरड शैड और गोदाम में रखना शुरू कर दिया है परन्तु जिप्सम को अभी भी बाहर ही रखा जा रहा है। बरसात के पानी के साथ बरबाद हुए जिप्सम की सूचना मिलने के बाद आज लैड्ड पोर्ट अथारटी आफ इंडिया के डायरैक्टर ने भी अटारी आई. सी. पी. में आ कर कस्टम विभाग और ओर विभागों के साथ बैठक की है और हालात का जायज़ा लिया है। परन्तु जिस तरह आई. सी. पी. प्रबंधक जिप्सम को अनदेखा कर रहे हैं उसके साथ व्यापारियों में रोष पाया जा रहा है क्योंकि जिप्सम को कवरड शैड और गोदाम में रखने का भरोसा तो दिया गया है परन्तु अभी तक व्यापारियों को खुले आसमान के नीचे ही जिप्सम रखना पड़ रहा है और थोड़ा-सी बारिश आते ही जिप्सम व्यापारियों को डर सताने लगता है।
आई. सी. पी. प्रबंधकों ने जिप्सम व्यापारियों को भरोसा दिया था कि उन्हें वाटर प्रूफ़ टैंट उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिसमें जिप्सम सुरक्षित रहेगा परन्तु अभी तक किसी तरह की व्यवस्था नहीं की गई है जबकि जिप्सम व्यापारी हर तरह का किराया भाड़ा दे रहे हैं और देने को तैयार हैं। उल्लेखनीय है कि अब तक पाकिस्तान से आने वाले छुआरे, नमक और जिप्सम को गोदामों में रखने नहीं दिया जा रहा था जिसके चलते बारिश के पानी ने करोड़ों रुपए के जिप्सम को बरबाद कर दिया। छुआरा व्यापारियों ने तो पाकिस्तान से माल मंगवाना ही बंद करने की चेतावनी दे दी थी। फ़िलहाल जिप्सम अभी भी खुले आसमान के नीचे ईश्वर के आसरे पड़ा है।
