
नई दिल्ली। दिल्ली विवि में छात्र संघ चुनावों को लेकर हलचल शुरू हो गई है। संगठनों ने छात्रों को लुभाने के लिए अपने-अपने तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। वामपंथी संगठनों ने भी छात्रों को लुभाने की ऐसी ही कोशिश की जब उन्होंने एफवाईयूपी (चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम) के विरोध में कक्षाओं का बहिष्कार कराकर कैंपस में जोरदार प्रदर्शन किया। आइसा, एसएफआई, एआईडीएसओ, क्रांतिकारी युवा संगठन के नेतृत्व में छात्र एफवाईयूपी के विरोध में सड़कों पर उतरे। नार्थ कैंपस में रैली निकालते हुए छात्रा मार्ग जाम करके बैठ गए।
संगठनों के कार्यकर्ताओं ने नार्थ कैंपस के रामजस, हिंदू, किरोड़ीमल, हंसराज, दौलतराम, आईपी और सत्यवती कालेज जाकर छात्रों को एकत्रित किया और जमकर नारेबाजी की। छात्रों का विरोध इस बात को लेकर रहा कि एफवाईयूपी के अंतर्गत 24 जुलाई को शुरू हुए सत्र के पहले दिन से ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। देशबंधु की भौतिकी द्वितीय वर्ष कि छात्रा और आइसा की सदस्य चारुल नेगी ने बताया कि हमने पाया कि पहले साल में फाउंडेशन कोर्सेज की कक्षाएं तो लग ही नहीं रही हैं जहां कक्षाएं लग भी रही हैं वहां छात्रों को खड़े होकर पढ़ना पड़ रहा है। आइसा के प्रदेश सचिव सनी कुमार ने कहा कि छात्र छात्राओं के समर्थन को देखते हुए यह साफ है कि अगर प्रशासन इस पर तुरंत कोई कार्रवाई नहीं करता है तो छात्रों की संख्या और बढ़ेगी और आगे निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती से कैंपस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
