
पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विवि पालमपुर में पढ़ रही छात्रा की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इसकी बड़ी वजह छात्रा की ओर से दो प्राध्यापकों पर प्रताड़ना के लगाए गए आरोप हैं। इससे अब छात्रों के अभिभावकों के जहन मे भी सवाल है कि आखिर विवि में छात्रा के साथ कैसे प्रताड़ना की गई। जिससे उसने आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा लिया। जबकि मामला कृषि विवि के प्राध्यापकों से जुड़ा होने के कारण और गरमा गया है। हालांकि कृषि विवि ने पुलिस जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही है।
कृषि विवि में बेसिक साइंस में फाइनल कर रही आंचल ने सोमवार रात छलांग लगाकर आत्महत्या कर कृषि विवि के ही प्राध्यापकों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट की मानें तो सवाल यह उठता है कि क्या प्रदेश के इतने प्रतिष्ठित संस्थान में प्राध्यापक भी छात्रों को प्रताड़ित करने लगे हैं? हालांकि इन सब बातों से पर्दा पुलिस जांच के बाद ही उठ पाएगा। लेकिन साफ है कि छात्रा आंचल ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी भी अब अनदेखी नहीं हो सकती। अपनी तफ्तीश में हर पहलू को सामने रख कर पुलिस हर तथ्य जुटाती है तो दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जाएगा। गौर हो कि कृषि विवि में पहले भी एक छात्रा ने एक एचओडी पर अश्लील एमएमएस भेजने के आरोप लगाए थे।
उधर, कृषि विवि के संयुक्त निदेशक (सूचना एवं जनसंपर्क) डा. हृदय पाल सिंह ने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि सारा विवि मृतक छात्रा के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं जताता है। उन्होंने कहा कि छात्रा की मौत का सबको दुख है। विवि पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेगी।
