
भल्याणी (कुल्लू)। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मित छह सड़कों को पक्का करवाने की लोक निर्माण विभाग की कवायद को झटका लग गया है। विभाग के चीफ ऑफिस ने छह सड़कों के टेंडर रद कर दिए हैं। ऐसा ठेकेदार की ओर स्वीकृत राशि से ज्यादा रेट भरने के चलते हुआ है। ग्रामीणों को अब पक्की सड़कों पर सफर करने के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा।
पीएमजीएसवाई योजना के तहत निर्मित आनी और निरमंड की छह सड़कों को पक्का करने मकसद से लोक निर्माण विभाग ने हाल ही में टेंडर करवाकर इन कार्यों को ठेकेदारों को सौंपा था। विभाग ने बागीपुल-जाओं सड़क जो कि 3.47 करोड़ की लागत से पक्की की जानी थी और ब्रो-पोषणा सड़क को 4.99 करोड़ से, रानाबाग-करशाईगाड़ को 4.22 करोड़, सोईधार से वियंबल को 3.36 करोड़ और धार सड़क को 3.45 करोड़ रुपये से पक्का किया जाना था। इन सड़कों को पक्का करवाने के लिए आनी-निरमंड डिविजन को मुख्य कार्यालय शिमला से हरी झंडी भी मिली थी। इसी मकसद से विभाग ने उपरोक्त सड़कों के टेंडर भी करवाए, लेकिन विभाग के उच्च कार्यालय ने इन वितरीत टेंडरों को रद करवा दिया है। इसकी पुष्टि आनी-निरमंड में तैनात लोनिवि के अधिशासी अभियंता अनिल शर्मा ने की है। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की ओर से तय सीमा से अधिक रेट भरने के चलते यह समस्या आई है। इसलिए विभाग के उच्च अधिकारियों ने इन्हें रद कर दिया है। एक्सईएन ने बताया कि जल्द ही रिटेंडरिंग करवाकर इन सड़कों को पक्का करवाने के लिए लोनिवि कवायद तेज करेगा।
