
नई दिल्ली। चुनाव नजदीक आते ही सियासी पारा चढ़ने लगा है। नेताओं के दल बदलने के साथ ही प्रत्याशी भी अपना नाम वापस लेने लगे हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के एक प्रत्याशी ने जहां कृष्णा नगर विधानसभा सीट से अपना नाम वापस ले लिया, वहीं भाजपा नेता नरेंद्र टंडन आप में शामिल होने की तैयारी में हैं।
कृष्णानगर विधानसभा सीट इन दिनों चर्चा में है। पिछले दिनों ही भाजपा पार्षद कांग्रेस में शामिल हो गए तो अब यहां से आप के घोषित प्रत्याशी सुशील चौहान ने अपना नाम वापस ले लिया है। ऐसी स्थिति में अगर कोई दमदार उम्मीदवार आप को नहीं मिलता तो भाजपा के दो नेता आमने-सामने होंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा के पूर्व नेता डॉ. वीके मोंगा कांग्रेस की तरफ से चुनाव में भाजपा विधायक डॉ. हर्षवर्धन के सामने होंगे। हालांकि मोंगा को कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध भी झेलना पड़ेग।
आप प्रवक्ता मनीष सिसौदिया का कहना है कि सुशील ने व्यक्तिगत कारणों से अपना नाम वापस लिया है। जल्द ही उनकी जगह पर दूसरा प्रत्याशी घोषित किया जाएगा। उधर पार्टी सूत्रों का कहना है कि सुशील बाहरी उम्मीदवार थे, जिसके कारण आप कार्यकर्ताओं में विरोध था। यही वजह है कि उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया।
टंडन आप में शामिल होने की तैयारी में
पूर्व डूसू अध्यक्ष व प्रदेश भाजपा के पूर्व सेक्रेटरी नरेंद्र टंडन पार्टी छोड़ने की तैयारी में है। वे आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। टंडन तिमारपुर विधानसभा से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें एमसीडी चुनाव में टिकट नहीं दिया। एमसीडी चुनाव में भी उनके वार्ड मुखर्जी नगर से पूर्व मेयर रजनी अब्बी को टिकट दिया गया था। इससे नाराज टंडन ने पार्टी से इस्तीफा तक दे दिया था और निर्दलीय मैदान में कूद पड़े थे। हालांकि बाद में वह पार्टी में वापस आ गए।
