चालान पर भड़के एचआरटीसी कर्मी

ऊना। स्थानीय बस अड्डे में पुलिस प्रशासन की ओर से एचआरटीसी की दो बसों के चालान काटे जाने पर निगम कर्मचारियों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का जवाब देते हुए उसी समय बस अड्डे को जाम कर डाला। निगम कर्मियों ने तुरंत बस अड्डे के दोनों प्रवेश द्वारों सहित अड्डे के अंदर बेतरतीब बसों को खड़ा कर डाला। इतना ही नहीं अड्डे में जाम की खबर सुनकर मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मचारियों और एचआरटीसी के कर्मचारियों में बहसबाजी भी हो गई। जिसके चलते एसएचओ सदर केएल बैरी और निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अनूप राणा को भी मौके पर पहुंचना पड़ गया।
मंगलवार शाम पुलिस कर्मचारियों ने बस अड्डे के अंदर ऊना से नालागढ़ को जाने वाली निगम की बस संख्या एचपी 72-0767 और ऊना से लिदकोट जाने वाली निगम की बस संख्या एचपी 72 0173 के आइडल पार्किंग के चालान काट डाले। जिसे देख निगम कर्मचारियों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने निजी बसों के पूरा दिन अड्डे में खड़ी रहने और उनके कोई चालान न करने की बात कहते हुए बस अड्डे को जाम करने का ऐलान कर दिया। जिससे बस अड्डे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। करीब आधे घंटे तक रहे जाम से भयंकर गर्मी के बीच यात्रियों को भी दिक्कत हुई। वहीं, निगम कर्मियों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस टीम ने आनन-फानन में निजी बसों के भी चालान काट डाले। लेकिन, कर्मी निगम की बसों के चालान रद्द करने को लेकर अपनी मांग पर अड़े रहे। मामले की जानकारी मिलते ही एसएचओ सदर केएल बैरी भी दल-बल सहित मौके पर पहुंच गए और जाम को खुलवाने के प्रयासों में जुट गए। इसी दौरान निगम कर्मी अपनी बात पर अड़े रहे। वहीं, आरएम अनूप राणा ने मौके पर पहुंचकर जाम खोले जाने के आदेश दिए, जिससे बसों की आवाजाही शुरू हो पाई।

सवाल : निजी बसों पर कार्रवाई क्यों नहीं
प्रशासन की ओर से बस अड्डे में जाम जैसी स्थिति से बचने के लिए बसों को खाली समय अड्डे से बाहर खड़ी किए जाने का प्रावधान किया गया है। जिसके तहत बसाें को नियमित रूट पर जाने से मात्र 10 मिनट पूर्व ही अड्डे में प्रवेश दिया जाता है। लेकिन, पुलिस की ओर से निगम की दो बसों के चालान काटे जाने के बाद निगम कर्मियों ने निजी बसों के पूरा दिन बिना किसी काम के अड्डे में खड़ी रहने और पुलिस की ओर से उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करने की बात कहते हुए जाम लगाया।

कर्मचारियों का जाम सही : अड्डा इंचार्ज
बस अड्डा इंचार्ज जगदीश राणा का कहना है कि कर्मचारियों की ओर से लगाया गया जाम सही है। पुलिस केवल निगम की बसों के ही चालान करती है, जबकि निजी बसों के बेकार खड़े रहने की सूरत में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।

पुलिस की कार्रवाई गलत : आरएम
हिमाचल पथ परिवहन निगम के आरएम अनूप राणा ने भी कर्मचारियों का पूरा साथ देते हुए पुलिस की कार्रवाई को गलत करार दिया। उन्हाेंने कहा कि इससे पूर्व अड्डे में यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए एक पुलिस कर्मी और एक निगम कर्मी तैनात रहता था, जिससे किसी भी बस को बेकार अड्डे में खड़े नहीं रहने दिया जाता था। अब पुलिस कर्मचारी की नियुक्ति को बंद करने के बाद निजी बसों के चालक-परिचालक निगम कर्मचारियाें की बात नहीं मानते हैं।

जल्द दुरुस्त होगी व्यवस्था : एसएचओ
एसएचओ सदर केएल बैरी का कहना है कि निगम कर्मियों से बातचीत कर जाम को खुलवा लिया गया है। उन्होंने बताया कि अड्डे में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और बसों के बेकार खड़े रहने पर अंकुश लगाने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे। जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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