
नई दिल्ली। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के ई-चालान डिवाइस से कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। दिल्ली में लोग एक बार नहीं, चार से पांच बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नंबर व ड्राइविंग लाइसेंस नंबर से इस बात का खुलासा हो रहा है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ऐसे लोगों का डाटा तैयार कर रही है, जिनका बार-बार चालान हो रहा है। ऐसे लोगों का लाइसेंस कभी भी रद्द हो सकता है। अभी तक ट्रैफिक पुलिस के बार पिछले चालानों के बारे में पता करने का कोई सिस्टम नहीं था। ट्रैफिक पुलिस ई-चालान से दो सितंबर तक करीब दो लाख 20 हजार लोगों का चालान कर चुकी है। ई-चालान सिस्टम से हर रोज करीब साढ़े आठ हजार चालान हो रहे हैं।
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) अनिल शुक्ला ने बताया कि ई-चालान सिस्टम से पता लग रहा है कि एक व्यक्ति का चार से पांच बार चालान चुका है। इस सिस्टम से गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर और लाइसेंस से चालानों के बारे में पता लग रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस पहला चालान तो खुद कर देती है। अगर उस व्यक्ति का दूसरी बार चालान होता है, तो ट्रैफिक पुलिस कोर्ट में भेज देती है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि कोर्ट ही तय करती है कि बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले का कब लाइसेंस रद्द किया जाए। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस चालान के साथ-साथ पिछले चालानों की जानकारी भी कोर्ट को भेज रही है। ट्रैफिक पुलिस ने ई-चालान सिस्टम को ट्रायल आधार पर लागू किया हुआ है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के पास करीब 1200 ई-चालान डिवाइस हैं। डिवाइसों में कुछ कमी भी आ रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिवाइस में आ रही कर्मियों को दूर किया जा रहा है।
