
चंडीगढ़: चंडीगढ़ की कई अहम योजनाओं का फैसला दिल्ली में होगा। 4 सितम्बर को दिल्ली में स्टैंडिंग कमेटी ऑफ नैशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ की बैठक होने जा रही है। इस बैठक में चंडीगढ़ फॉरैस्ट एंड वाइल्ड लाइफ डिपार्टमैंट की तरफ से पैंडिंग प्रोजैक्ट्स पर एजैंडा बोर्ड के सदस्यों के सामने लाया जाएगा। चंडीगढ़ को नैशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ से 5 प्रोजैक्ट्स की क्लीयरैंस का इंतजार है।
वैसे तो स्टेट बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ ने पहले ही इन प्रोजैक्ट्स को हरी झंडी दिखा दी है लेकिन अभी इन्हें नैशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ से क्लीयरैंस मिलनी बाकी है। यहां से क्लीयरैंस मिलने के बाद ही यह प्रोजैक्ट अमल में लाए जाएंगे। यह सभी प्रोजैक्ट्स इको सैंसटिव जोन की घोषणा से पहले के हैं। इसलिए इन सभी योजनाओं को नैशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ से मंजूरी लेना अनिवार्य है।
दरअसल, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने ईको-सैंसटिव जोन की घोषणा न होने की सूरत में डिक्लेयर नैशनल पार्क व वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी के 10 किलोमीटर दायरे को ईको-सैंसटिव जोन की श्रेणी में रखना अनिवार्य किया हुआ है। चूंकि चंडीगढ़ प्रशासन ने इन प्रोजैक्ट्स से पहले ईको-सैंसटिव जोन की घोषणा नहीं की थी। इसलिए 10 किलोमीटर के दायरे में होने की वजह से इन प्रोजैक्ट्स को नैशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ से मंजूरी की दरकार है।
18 जुलाई को स्टेट बोर्ड ने दी प्रिंसीपल अप्रूवल
स्टेट बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ ने 18 जुलाई को हुई बैठक में पैंङ्क्षडग प्रोजैक्ट्स को प्रिंसीपल अप्रूवल दे दी थी। वैसे तो इस बैठक में करीब 7 प्रोजैक्ट्स का एजैंडा लाया गया था लेकिन बोर्ड ने केवल 5 प्रोजैक्ट्स को ही हरी झंडी दिखाई।
प्राइवेट प्रोजैक्ट को नहीं मिली थी अप्रूवल
स्टेट बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ ने जिन 2 प्रोजैक्ट्स पर मंजूरी नहीं दी, वह दोनों प्राइवेट प्रोजैक्ट थे। इनमें इंडस्ट्रीयल एरिया फेज-1 में एक्रोपोलिस प्रोजैक्ट और आई.टी. पार्क में टेक महिंद्रा की बिल्डिंग शामिल हैं। बोर्ड ने इन दोनों प्रोजैक्ट्स को यह कहते हुए मंजूरी देने से इंकार कर दिया कि इनकी एस्टेट ऑफिस से पूरी डिटेल मंगवाई जाए। एस्टेट ऑफिस ने एक्रोपोलिस को वॉयलेशन के चलते रिज्यूम प्रॉपर्टी डिक्लेयर किया हुआ है जबकि टैक महिंद्रा के बिल्डिंग प्लान की रिपोर्ट लंबित है।
नैशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ से इन प्रोजैक्ट्स को मंजूरी का इंतजार
मलोया में चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड की तरफ से प्रस्तावित 4 मंजिला 8896 स्मॉल फ्लैट
सैक्टर-52, 53, 56 में यू.टी. इम्प्लॉयज के लिए सी.एच.बी. के प्रस्तावित 3930 फ्लैट
सैक्टर-17 में प्रस्तावित मल्टी स्टोरी पार्किंग
पी.जी.आई. में 25823.73 वर्ग मीटर जगह में प्रस्तावित 250 बैड का अस्पताल
पी.जी.आई. में 3536 वर्ग मीटर में प्रस्तावित नैशनल इंस्टीच्यूट ऑफ पैरा मैडीकल।
