
थानाकलां (ऊना)। कुटलैहड़ क्षेत्र के घुघन ककराणा क्षेत्र में लघु कारखाने और अन्य उद्योग लगाने में उद्योगपति दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। उद्योग विभाग ने इस क्षेत्र में 458 कनाल सरकारी भूमि औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए आरक्षित की हुई है। तीन वर्षों में इस क्षेत्र में मात्र एक ही लघु उद्योग की स्थापना हो सकी। इस क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होने की घोषणा से क्षेत्र के हजारों बेरोजगार हाथों को काम मिलने की आस बंधी थी। पूर्व सरकार द्वारा इस क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र में 33 केवी विद्युत ट्रांसफार्मर भी लगाया गया है और ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा के लिए मुद्रिक संपर्क मार्ग को पक्का भी करवा दिया गया। फिर भी उद्यमी इस क्षेत्र में कारोबार करने से कतरा रहे हैं। जबकि यह क्षेत्र पौधरोपण एवं पानी आदि की सुविधाओं से पूर्णतया लैस है। क्षेत्र के आसपास कम आबादी भी उद्यमियों के लिए अच्छी खबर है। बताया जा रहा कि इस क्षेत्र की सुविधाओं और आरक्षित भूमि की संबंधित विभाग द्वारा उद्योगपतियों को जानकारी ही उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। ग्रामीणों पंकज शर्मा, रणजीत सिंह, उर्मिला ठाकुर, जोगिंद्र राणा, किशन पाल शर्मा, नरेश वशिष्ठ, रमेश वशिष्ठ, मनोज कुमार, सुरजीत सिंह, मंगल सिंह, प्रेम चंद ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि घुघन-ककराणा क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए उद्यमियों को अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं ताकि कुटलैहड़ क्षेत्र से पिछडे़पन का दाग मिट सके। क्षेत्र के हजारों बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार मिल सके।
आ रहे हैं उद्योगपति
उद्योग विभाग के महाप्रबंधक तिलक राज शर्मा ने कहा कि घुघन ककराणा में उद्योग लगाने के मकसद से उद्योग पति आ रहे हैं। कइयों ने यहां उद्योग लगाने के लिए हामी भी भर दी है। सोमवार को भी सोलर इंडस्ट्री स्थापित करने के उद्देश्य से आई एक फर्म को यह भूमि दिखाई गई है। इस भूमि पर और सुविधाएं जुटाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
