
नई दिल्ली। राजधानी के पांच सितारा होटल जल्द ही ग्रीन बिल्डिंग में तब्दील हो जाएंगे। इनमें सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होगा। वर्षा जल को एकत्र किया जाएगा और होटल परिसर में ही कचरे का निस्तारण किया जाएगा। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की मौजूदगी में दिल्ली सरकार की ओर से पर्यावरण विभाग के निदेशक अनिल कुमार और राजधानी के 32 पांच सितारा होटलों के प्रतिनिधियों के बीच सोमवार को इस संबंध में करार (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। इस दौरान होटलों को तकनीकी सहायता देने के लिए कमेटी का गठन भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने होटल प्रतिनिधियों से कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर वे अपनी जिम्मेदारी पूरी करें। दिसंबर के बाद ऐसे एमओयू के अधीन बड़े भवन और रेस्तरां भी लाए जाएंगे। इन होटलों में 30 जून तक बारिश के पानी को एकत्र करने का सिस्टम लगेगा। इसी दौरान तेल से चलने वाले बॉयलर को प्राकृतिक गैस के बॉयलर में बदलने का काम भी होना है। 30 सितंबर तक गंदे पानी व सीवेज की सफाई के लिए प्लांट लगाने के साथ इसका दुबारा इस्तेमाल सुनिश्चित करते हुए जीरो डिस्चार्ज का लक्ष्य हासिल किया जाना है। इसी बीच, सौर जल ऊर्जा प्रणाली और ठोस कचरे को कंपोस्ट में बदलने का प्लांट भी लगेगा। मुख्य सड़कों और होटलों के बीच बफर जोन के तौर पर हरित क्षेत्र तैयार किया जाएगा।
