
भल्याणी (कुल्लू)। कुल्लू के अधिकांश सरकारी स्कूलों में गणित (हिसाब) विषय के मास्टर जी की तैनाती नहीं हो पा रही। जिले के आधे के करीब स्कूलों में गणित अध्यापकों के पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले हजारों बच्चों का गणित गड़बड़ाकर रह गया है।
सरकार द्वारा संचालित इन शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों को गणित की शिक्षा अर्जित करने में भारी समस्या पेश आ रही है। कई स्कूलों में तो बच्चों को ठीक से गुणाभाग करने में भी दिक्कतें पेश आ रही हैं। जिले में 50 हाई स्कूल वर्तमान में शैक्षणिक सेवाएं दे रहे हैं। 65 सीसे तथा 130 मिडिल स्कूल चल रहे हैं। इनमें हाई स्कूलों में गणित के 23 पाठशालाएं खाली चल रही हैं। इसी प्रकार 21 सीसे स्कूलों में गणित विषय के मास्टर नहीं हैं। मिडिल स्कूलों की हालत इससे भी बदतर है। यहां सबसे अधिक 37 गणित अध्यापकों के पद सालों से रिक्त पड़े हैं।
जिले के मिडिल, हाई तथा सीसे स्कूलों की संख्या 246 है। यहां 81 स्कूलों में गुणाभाग पढ़ाने वाले गुरु जी की तैनाती नहीं होना हैरान करने वाला है। इससे जहां शिक्षा के स्तर में गिरावट आ रही है, वहीं शिक्षा के गुणात्मक स्तर पर भी सवाल उठने लगे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल रहने का दावा करने वाले शिक्षा विभाग तथा सरकारी तंत्र की पोल कुल्लू की पाठशालाओं ने खोल कर रख दी है।
शिक्षाविद बाला राम ठाकुर ने कहा कि यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ तथा मजाक है। सरकार को शिक्षा की बेहतरी के लिए गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। उन्होंने सरकार तथा विभाग से जल्द से जल्द जिला के सरकारी शिक्षण संस्थाओं में गणित के शिक्षकों की तैनाती करने की मांग की है।
उच्च अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
शिक्षकों की तैनाती का विषय सरकार तथा निदेशक स्तर का है। फिर भी उन्होंने जिला में गणित के मास्टरों के रिक्त चल रहे पदों को भरने के लिए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है। आशा है जल्द ही सरकार तथा विभाग इन रिक्त पदों को भरेंगे।
