
ऊना(विवेक त्रिपाठी)गुरु नानक देव जी के वंशज बाबा साहिब सिंह बेदी के प्रकाशोत्सव पर किला बेदी में संत समागम और कीर्तन दरबार सजाया गया। इसमें पंजाब सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में संगतों ने शिरकत की। शुक्रवार सुबह अखंड पाठों का भोग डाला गया। कीर्तन दरबार में संत अनूप सिंह, भाई हरपाल सिंह, बाबा हरपाल सिंह, भाई गोपाल सिंह, तीर्थ सिंह, प्यारा सिंह और भाई ओंकार सिंह सहित कई रागी जत्थों ने गुरवाणी कीर्तन से संगतों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
संत समागम में संगतों को संबोधित करते हुए बाबा सर्वजोत सिंह बेदी ने कहा कि वर्तमान में गुरुनानक देव की शिक्षाएं प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए, जिससे आपसी भाईचारा और सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि गुरु के उपदेशों से देश एकता के सूत्र में बंधा रह सकता है। सिखों का इतिहास कुर्बानियों भरा रहा है। उन्होंने कहा कि सिखों ने धर्म को बचाने के लिए ही नहीं, बल्कि देश की रक्षा में भी आगे रहकर अपनी कुर्बानियां दी हैं। उन्होंने संगतों को सिख धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए भी प्रेरित किया। संत समागम में राष्ट्रीय संत बाबा बालजी महाराज, गोपाल सिंह, सेवा सिंह, जत्थेदार गुरवचन सिंह खालसा, संत स्वर्ण सिंह, प्रितपाल सिंह, केसगढ़ साहिब के ज्ञानी मल सिंह ने भी शिरकत की।
