
पंचकूला: गुडग़ांव के सी.जे.एम. रवनीत गर्ग की पत्नी गीतांजलि के माता-पिता ने गीतांजलि की दोनों बच्चियों को पाने के लिए पंचकूला की अदालत में याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि गीतांजलि के पति एवं सुसरालियों द्वारा दोनों बच्चियों को शुरू से ही बोझ एवं अपशगुन माना जाता रहा है और लड़कियां पैदा करने पर गीतांजलि को प्रताडि़त किया जाता था। इसलिए अब गीतांजलि की मौत के बाद उसकी बच्चियां ससुराल में सुरक्षित नहीं हैं।
गीतांजलि के माता-पिता ने कहा कि गीतांजलि की मौत के बाद दोनों बच्चियों से आज तक उन्हें मिलने नहीं दिया गया है और बच्चियां बीमार हैं। स्कूल भी नहीं जा पा रही हैं। बच्चियां पंचकूला में रवनीत गर्ग की भाभी के पास रह रही हैं और रवनीत गुडग़ांव में रहता है। एडवोकेट सुरेश कुमार सूद ने बताया कि स्थानीय सैक्टर-8 के मकान नं-117 निवासी ओमप्रकाश अग्रवाल एवं उनकी पत्नी शीलावती ने बच्चियों को पाने के लिए संयुक्त याचिका पंचकूला के जिला एवं सैशन जज रवि कुमार सौंदी की अदालत में दायर की है।
याचिका में अदालत को बताया गया है कि गीतांजलि की शादी वर्ष 2007 में रवनीत गर्ग के साथ हुई थी और 6 नवंबर 2008 को गीतांजलि ने पी.जी.आई. चंडीगढ़ में पहली बच्ची को जन्म दिया था। तब से ही गीतांजलि के पति एवं ससुरालियों द्वारा गीतांजलि को प्रताडि़त करना शुरू कर दिया गया था। 30 जनवरी 2010 को गीतांजलि ने दूसरी बच्ची को पी.जी.आई. चंडीगढ़ में जन्म दिया तो गीतांजलि के पति रवनीत एवं ससुरालियों ने गीतांजलि को यह कहकर प्रताडि़त करना शुरू कर दिया कि अब उसके साथ-साथ 2 लड़कियों का बोझ भी उन्हें उठाना पड़ेगा।
पति रवनीत एवं ससुरालियों ने गीतांजलि पर बेटा पैदा करने के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया। ससुरालियों का कहना था कि उन्हें सिर्फ और सिर्फ लड़का ही चाहिए। गीतांजलि यह सब बातें अपने भाई प्रदीप एवं माता-पिता को बताती थी, जिसके चलते गीतांजलि के माता-पिता ने गीतांजलि को सुरक्षित रखने और ससुरालियों का मुंह बंद रखने के लिए गीतांजलि की दोनों बच्चियों के स्कूलों में दाखिले एवं फीस के लिए लाखों रुपए ससुरालियों को दिए। अब गीतांजलि की मौत के बाद उसकी बच्चियों की अच्छी परवरिश और सुरक्षा के लिए ओमप्रकाश एवं उनकी पत्नी ने अदालत से बच्चियों की कस्टडी उन्हें देने की गुहार लगाई है।
