
हमीरपुर। … अब गर्मियों के मौसम ने मरीजों को बिस्तरों पर लिटा दिया है। जिला में उल्टी, बुखार और दस्त के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी है। जिलाभर में प्रतिदिन करीब 500 मरीज उपचार को निजी और सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में इन बीमारियों के प्रतिदिन करीब 200 मरीज पहुंच रहे हैं। दूषित पेयजल के सेवन से अधिकतर लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
गर्मियों का मौसम शुरू होते ही पेयजल योजनाएं दूषित पानी उगलने लगी हैं। दूषित पानी के सेवन से अधिकतर लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में प्रतिदिन उल्टी, दस्त और बुखार के 200 के करीब पहुंच रहे हैं।
नादौन अस्पताल में भी रोगियों की तादाद बढ़ने लगी है। यहां प्रतिदिन 100 से 150 मरीज उपचार को पहुंच रहे हैं। टौणीदेवी अस्पताल में करीब 80, बड़सर में करीब 100, भोरंज में करीब 50, गलोड़ और सुजानपुर में प्रतिदिन 80 से 100 के करीब मरीज उपचार को पहुंच रहे हैं। इसके अलावा निजी क्लीनिकों में भी रोगी उपचार को पहुंच रहे हैं। कुल मिलाकर जिलाभर में 500 के करीब उल्टी, दस्त और बुखार के मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
उधर, सीएमओ डा. पीआर कटवाल ने माना है कि गर्मियों के मौसम में जिला के अस्पतालों में उल्टी, दस्त और बुखार के रोगियों की तादाद बढ़ने लगी है।
बाक्स : बचाव के उपाय
एसएमओ क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर, डा. केसी चोपड़ा ने बताया कि गर्मियों के मौसम में बीमारियों से बचने को पानी हमेशा उबाल कर पीएं। हाथ धोकर खाना पाए और पेयजल को हमेशा ढककर रखें। बाजार में खुले में बिकने वाले पेय पदार्थों के सेवन से बचें। गोल गप्पे आदि से परहेज करें। बुखार, उल्टी या दस्त की शिकायत होते ही तुरंत नजदीकी अस्पताल में उपचार करवाएं।
