
कुल्लू। रोजगार पाने के लिए दर-दर भटक रहे बेरोजगार युवाआें को अब प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। कुल्लू तहसील में बोनोफाइड तथा चरित्र प्रमाणपत्र बनाने के लिए लोगों को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। प्रमाण पत्र न बनने से 20 मई को प्रस्तावित सेना की भरती से सैकड़ों युवा महरूम हो सकते हैं। युवाओं का कहना है कि वे कई दिनों से कुल्लू तहसील के कई चक्कर काट रहे हैं। बावजूद इसके उन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिल रहे।
बड़ा भुईन निवासी कुबेर ठाकुर तथा तेजिंद्र शर्मा ने बताया कि वह सेना की भरती के लिए करीब एक माह से मैदान में पसीना बहा रहे हैं। 20 मई को मंडी के पंडोह में होने वाली भरती के लिए वह काफी उत्साहित हैं, लेकिन भरती में जरूरी कागजी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उन्होंने 14 मई को अपने फार्म कुल्लू तहसील में जमा करवाए। 16 मई को तहसीलदार कार्यालय ने उन्हें तहसील बुलाया था। तहसील पहुंचने पर जब उन्होंने अपने कागजों की प्रक्रिया पूरी होने के बारे में पूछा तो यहां तैनात कर्मियों ने कहा कि कागज बाहर पड़े हैं, ढूंढ के लाओ।
सेना में अपना भविष्य देख रहे बेरोजगार युवा तहसील कार्यालय के बाहर खुले में फेंके गए अपने कागजातों को ढूंढने लगे तो उनके कागज गायब पाए गए। फार्म न मिलने पर उन्हें फिर से कागज बनाने को कहा गया। सेना की भरती तिथि नजदीक आते देख युवा भरती की तैयारी करें या फिर बोनोफाइड और चरित्र प्रमाण पत्रों को बनाएं। तहसील कार्यालय की इस हरकत पर युवाओं ने खासी नाराजगी जताई है। सेना में जाने की इच्छा रखने वाले कुबेर ठाकुर तथा तेजिंद्र शर्मा ने इसकी शिकायत डीसी कुल्लू से भी की है। डीसी शरभ नेगी ने कहा कि सेना भरती की कागजी प्रक्रिया पूरी करने आए कुछ युवाओं ने उनसे शिकायत की है। उन्होंने एसडीएम कुल्लू को इस व्यवस्था को ठीक करने को कहा है।
