खतरनाक पेड़ न काटने पर अधिकारियों को डांट

हमीरपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे लगे खतरनाक पेड़ों को अभी तक न काटने के कारण वन विभाग के अधिकारियों को डांट सुननी पड़ी। अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद अभी तक सड़क किनारे लगे पेड़ काटे नहीं जा सके हैं। हमीरपुर में 20 सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक के दौरान डांट सुननी पड़ी। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव पीसी कपूर ने की। कहने का तात्पर्य था कि भले ही पेड़ जरूरी हैं लेकिन उससे अधिक जरूरी मानव जीवन है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने वन विभाग के अधिकारियों को जल्द आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। पूर्व में भी वन विभाग को पेड़ों को काटने के निर्देश दिए गए थे लेकिन कार्रवाई नहीं हो पायी थी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव पीसी कपूर ने कहा कि हमीरपुर जिला में कार्यान्वित किए जा रहे विभिन्न विकासात्मक कार्यों को विभागीय अधिकारी समयबद्ध पूरा करना सुनिश्चित करें। मनरेगा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के सुचारु कार्यान्वयन पर बल देते हुए कहा कि योजनाओं का प्रमुख लक्ष्य ग्रामीण विकास को गति प्रदान करना है। हमीरपुर जिला में रेशम कीट उत्पादन की बेहतर संभावनाएं हैं तथा लोगों को रेशम कीट उत्पादन के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने स्किल डेवेल्पमेंट पर भी विशेष बल देते हुए कहा कि मैट्रिक तथा दस जमा दो उत्तीर्ण युवाओं को प्लंबर, इलेक्ट्रिीशियन इत्यादि ट्रेडों में प्रशिक्षित करने के लिए जिला स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जाए।
उपायुक्त आशीष सिंहमार ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए हमीरपुर जिला की विकासात्मक गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि विकास कार्यों का सुचारु कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है तथा कार्यों की नियमित तौर पर समीक्षा भी सुनिश्चित की गई है।
इस अवसर पर कार्यकारी अतिरिक्त उपायुक्त बलबीर ठाकुर, एसडीएम हमीरपुर सतीश शर्मा, उपनिदेशक डीआरडीए राकेश शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी डा. कालीदास, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा भूषण मल्होत्रा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा आरसी तबयाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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