कोर्ट फीस लगाने की अपील खारिज

पिंजौर: पिंजौर के मंदिर बाबा तोपनाथ डेरा की रामपुर सियूड़ी गांव में स्थित 4 बीघा 16 बिसवा भूमि को मंदिर के पुजारी द्वारा अवैध रूप से कौडिय़ों के भाव बेच दिए जाने के आरोप को लेकर शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष विजय बंसल, पार्षद सतविंद्र टोनी, पूर्व पार्षद जगमोहन धीमान, संजीव कुमार ने जिला अदालत में याचिका दायर की थी।

अदालत ने आलम यादव नामक व्यक्ति की मांग पर जमीन की 7 लाख की रजिस्ट्री पर कोर्ट फीस लगाने की याचिका को खारिज कर दिया है। एडवोकेट विजय बंसल ने बताया कि अदालत ने इस कीमती जमीन को बेचने, गिरवी रखने और यहां किसी प्रकार के निर्माण पर रोक लगा रखी है। उन्होंने बताया कि इस केस की अगली सुनवाई 30 अगस्त को होगी।

बंसल ने बताया कि किसी भी मंदिर का पुजारी मंदिर का प्रबंधक होता है, न कि मालिक। फिर भी इस भूमि को पुजारी ने गुडग़ांव के एक व्यक्ति को मात्र 7 लाख रुपए में बेचने की कोशिश की थी लेकिन 20 अप्रैल 2007 को तत्कालीन तहसीलदार कालका ने इस भूमि की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद गत वर्ष मई में इस भूमि को बेचकर रजिस्ट्री करवा दी गई।

याचिकाकत्र्ताओं के अनुसार जिला राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक मंदिर को यह भूमि तत्कालीन महाराजा पटियाला भूपेंद्र सिंह ने 7 मई 1909 को दान में दी थी और कलैक्टर रेट के अनुसार आज इस भूमि का मूल्य डेढ़ करोड़ रुपए है, जबकि बाजार मूल्य लगभग 5 करोड़ रुपए तक है। याचिकाकत्र्ताओं ने इस भूमि की रजिस्ट्री को रद्द करने की अपील अदालत से की है।

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