
नई दिल्ली। डीयू में दाखिले के लिए कॉलेजों ने छात्रों का खूब पसीना निकाला। भागमभाग के चक्कर में पहले दिन कई छात्र एडमिशन लेने से चूक गए। ऐसे में डीन स्टूडेंट वेलफेयर ने इसकी मदद की। दरअसल कुछ कॉलेजों ने ऑनलाइन फॉर्म के प्रिंट आउट और ऑफलाइन फॉर्म की फोटोकॉपी को डीन स्टूडेंट वेलफेयर के यहां से वेरिफाई कराकर लाने को कहा।
छात्रों का आरोप था कि कॉलेज का कहना है कि उनके पास फॉर्म का नंबर ही नहीं है। ऐसे में दूर-दूर के कॉलेजों से छात्र डीन ऑफिस वेरिफिकेशन कराने के लिए पहुंचते रहे। वेबसाइट पर कॉलेजों को यह विकल्प दिया है कि वह छात्र के फॉर्म का पंजीकरण नंबर डालकर उसके फॉर्म को जांच सके। इसी तरह कॉलेजों को ऑफलाइन फॉर्म की वेरिफिकेशन के लिए छात्रों के बार कोड के नंबर को डाल कर चेक करना है। डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर जेएम खुराना के मुताबिक, कॉलेजों को सलाह है कि वह डीयू की वेबसाइट पर जाकर वेरिफेकशन कर सकते हैं। जिन छात्रों का रिजल्ट का डाटा डीन स्टूडेंट वेलफेयर के पास नहीं है उन कॉलेजों को ऐेसे छात्रों को प्रोविजनल दाखिला देकर उसके रिजल्ट को बोर्ड से सत्यापित करना होगा।
