
नई दिल्ली। मर्चेंट नेवी के कैप्टन राजन अग्रवाल की हत्या के मामले में कोर्ट ने विवेक मधोक और शंकर भाटिया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वर्ष 2004 में ब्राजील के पास जहाज पर राजन की हत्या के मामले में इन्हें दोषी करार दिया गया। घटना के वक्त विवेक और शंकर मर्चेंट नेवी के कैडेट थे और जहाज पर ट्रेनिंग ले रहे थे। राजन के पिता ने दोनों के खिलाफ मालवीय नगर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया था।
पटियाला हाउस कोर्ट स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने विवेक और शंकर को कैप्टन राजन की हत्या करने और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराया। कोर्ट ने दोनों पर 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। मामले के अनुसार, विवेक और शंकर ने चार अप्रैल 2004 को ब्राजील के समुद्र में एमवी क्रिमसन जहाज के कैप्टन राजन की उनके केबिन में हत्या कर दी थी। हत्या के बाद दोनों ने शव को बेड शीट में लपेट कर समुद्र में फेंक दिया था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पढ़ाई पर ध्यान नहीं देने और सौंपा गया काम पूरा नहीं पर राजन ने दोनों को फटकार लगाई थी। कैप्टन ने दोनों को अपने केबिन में बुलाया था। जहां बहस के दौरान हाथापाई शुरू हो गई।
