
भल्याणी (कुल्लू)। संभावित पेयजल संकट से निपटने की तैयारियों के बीच आईपीएच महकमे के दो दर्जन से अधिक हैंडपंपों ने जवाब दे दिया है। कहीं दूषित तो कहीं मटमैला पानी आने से भी लोग परेशान हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर स्थापित किए हैंडपंपों के इस तरह लड़खड़ा जाने से आईपीएच महकमे की कार्यप्रणाली की भी पोल खुल गई है। बरसात में भूस्खलन और बाढ़ के कारण अक्सर पेयजल सप्लाई ठप हो जाती है। ऐसे में हैंडपंपों का ही सहारा रहता है लेकिन हैंडपंप पहले ही जवाब दे चुके हैं। फरवरी में भारी बर्फबारी होने से गरमी में पेयजल संकट न रहने की संभावना जाहिर की गई थी लेकिन गरमी ज्यादा देर नहीं चली। इस कारण बर्फ पिघलकर इसका पानी नदी नालों में बह गया। अब संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए आईपीएच विभाग इन दिनों रणनीति बनाने में जुटा है। लेकिन अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी समस्या खराब पड़े हैंडपंपों की है।
विभाग के डिविजन नंबर कुल्लू एक के तहत 14 हैंडपंप खराब पड़े हैं। इनमें नगर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास, डोभी में कैफे, मनाली में होटल मनालसू, क्लाथ के भूतनाथ मंदिर, पुईद में बस ठहराव तथा चंसारी, न्यूली, हिरनी समेत कुल्लू के अखाड़ा क्षेत्र में लगे चार हैंडपंप खराब पड़े हैं। डिवीजन नंबर दो के अंतर्गत भुंतर, बनोगी, शाट और बदाह में दो-दो हैंडपंप जवाब दे चुके हैं। आनी ब्लाक के तहत निरमंड के अवेरी, रंदल, घोरला (लुहरी) और सहानी के अलावा जिला मुख्यालय लगचौक तथा कुल्लू कोर्ट के पास स्थापित हैंडपंप भी शोपीस बने हुए हैं। इनके खराब होने से लोगों को पेयजल समस्या झेलनी पड़ रही है। अखाड़ा निवासी युवराज बौध, निरमंड निवासी रवि शर्मा तथा आनी निवासी सुरेश कुमार, डोभी निवासी महेंद्र ठाकुर ने विभाग से हैंडपंपों को दुरुस्त करवाने की मांग की है।
विभाग नए सिरे से लगा रहा हैंडपंप
आईपीएच महकमा के अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार ने कहा कि कुछ हैंडपंपों का वाटर लेबल डाउन हुआ है, तो कुछ बार-बार रिपेयर करने पर खराब होने लगे हैं। विभाग नए सिरे हैंडपंप लगा रहा है। इसकी प्रक्रिया विभाग ने आरंभ कर दी है।
