किस काम के डाक्टरों के सरकारी आवास

भल्याणी (कुल्लू)। लाखों रुपये से बने लगघाटी में डाक्टरों के निवास खंडहर बनकर रह गए हैं। यहां तैनात चिकित्सक सरकारी आवास में मात्र कागजों में ही रात्रि ठहराव करते हैं। ऐसे में रात के वक्त अगर मरीज को चेकअप करवाना हो तो लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। मरीजों को इमरजेंसी में पीएचसी भुट्टी के बजाए मीलों दूर जिला मुख्यालय स्थित क्षेत्रीय अस्पताल आना पड़ता है।
चिकित्सक के सरकारी आवास पर रात्रि ठहराव न होने पर इलाके के मरीजों को पीएचसी भुट्टी में दाखिल भी नहीं किया जाता। ऐसे में अब क्षेत्रवासी स्वास्थ्य विभाग तथा यहां तैनात स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ के खिलाफ लामबंद होने लगे हैं। करीब 25 हजार आबादी वाली लगवैली के लोगों के बेहतर इलाज के लिए सरकार ने भुट्टी में पीएचसी खोल रखा है। लेकिन घाटी में डाक्टर के न रहने से यह स्वास्थ्य केंद्र मात्र शोपीस बन कर रह गया है। डाक्टरों के आवास भी खंडहर बन चुके हैं। खिड़कियों और दरवाजों पर घास तथा झाड़ियां तक उग आई हैं।
भाजपा ने इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह तथा सीएमओ बलदेव ठाकुर से हस्तक्षेप करने की मांग की है। लगघाटी भाजपा शक्ति केंद्र के अध्यक्ष महेंद्र सिंह ठाकुर, भाजपा कुल्लू मंडल के सचिव किशोरी लाल ठाकुर, मंडल महामंत्री दिले राम ठाकुर, किसान मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष अमर ठाकुर, जिला कार्यकारिणी सदस्य भगत राम, वरिष्ठ कार्यकर्ता फतेेह चंद तथा स्थानीय निवासी गुरदयाल सिंह ठाकुर ने बताया कि डाक्टरों के न रहने से मरीजों को मजबूरन जिला अस्पताल आना पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक माह के अंदर डाक्टरों ने अपने निवास पर ठहराव शुरू न किया तो लोग पीएचसी भुट्टी का घेराव करेंगे। पंचायत बुआई के प्रधान मोहर सिंह, भूमतीर कमला ठाकुर, शिल्हनाल के पूर्व प्रधान वीर सिंह और पूर्व बीडीसी सदस्य टेडी सिंह ठाकुर ने कहा कि डाक्टरों के रात के वक्त सरकारी आवासों में न रुकने से लोगों को परेशानी होती है। सरकार को जनहित से जुड़े इस मामले पर गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।

इस मामले की होगी जांच
विभाग की ओर से यहां सेवा दे रहे चिकित्सकों को सरकारी आवास अलाट किया है। यहां चिकित्सक ठहरते हैं या नहीं इसका पता लगाया जाएगा।
डा. बलदेव ठाकुर सीएमओ कुल्लू

स्वास्थ्य महकमे को देंगे दिशानिर्देश
लगघाटी दुर्गम क्षेत्र है। यहां स्वास्थ्य सेवा बेहतर होनी चाहिए। मामला गंभीर है, वह इस विषय को लेकर स्वास्थ्य महकमे को दिशानिर्देश देंगे तथा इसकी जांच की जाएगी।
कौल सिंह ठाकुर स्वास्थ्य मंत्री हिमाचल प्रदेश

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