
रामपुर बुशहर। काशापाट पंचायत प्रधान प्यासु मल को पद से सस्पेंड कर दिया गया है। सरकारी धन के दुरुपयोग मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई गई है। उपायुक्त शिमला दिनेश मल्होत्रा ने निलंबन आदेश जारी करते हुए प्यासु मल से प्रधान पद की मुहर समेत अन्य रिकार्ड तुरंत पंचायत सचिव को सौंपने के लिए कहा है। काशापाट पंचायत प्रधान प्यासु मल के खिलाफ उपप्रधान समेत अन्य सदस्यों ने सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत की थी। शिकायत के बाद उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच बिठाई गई। प्रारंभिक जांच में प्रधान कई मामलों में दोषी पाए गए। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। प्रधान ने जवाब तो दिया, लेकिन वह संतोषजनक नहीं पाया गया। कारण बताओ नोटिस के उत्तर व जांच अधिकारी की ओर से दी गई छानबीन रिपोर्ट के अध्ययन में पाया गया कि प्रधान अपने पक्ष में दिए गए तथ्यों की पुष्टि करने में असमर्थ रहा है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उपायुक्त ने पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए प्यासु मल को पंचायत प्रधान पद से निलंबित कर दिया। पांच अक्तूबर को उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा ने निलंबन आदेश जारी किए हैं। निलंबन आदेश की प्रतियां निदेशक पंचायती राज विभाग, बीडीओ रामपुर को भी भेजी गई हैं।
