
सलूणी (चंबा)। प्राथमिक पाठशाला दलोई की हालत कुछ ज्यादा ठीक नहीं है। यहां पर भी जिले के अन्य कई स्कूलों की तरह स्टाफ की कमी चल रही है, जिसकी भरपाई न जाने कब होगी। ऐसे में यहां पढ़ने वाले बच्चों का क्या होगा, यह तो इससे पता चल ही रहा है। यह स्कूल एक अध्याक के सहारे चल रहा है। इस स्कूल में पिछले लगभग छह महीने से अध्यापक व अन्य स्टाफ की कमी चल रही है। इस कारण स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे करीब 55 छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक लग रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक स्कूल में मौजूदा समय में एकमात्र अध्यापक तैनात है। स्कूल में मौजूद अध्यापक को पांचों कक्षाएं पढ़ानी पड़ रही हैं। इसके अलावा उनको मिड डे मील व अन्य कागजी काम भी निपटाने पड़ते हैं। अतिरिक्त काम के कारण शिक्षक को बच्चों को पढ़ाने का समय नहीं मिलता है, जिससे उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। थानीय निवासी शरीफ मोहम्मद, गुलजार, अते मोहम्मद, फारूक, चैन लाल, थान सिंह, प्रेम लाल और प्रभिया ने बताया कि स्कूल में अध्यापक न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होेंने शिक्षा विभाग व प्रदेश सरकार से मांग की है कि स्कूल में रिक्त पड़े पदों को जल्द भरा जाए। उधर, बीपीओ रसालू राम ने बताया कि स्कूल में रिक्त चल रहे पदों के बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द स्कूल में अध्यापकों की तैनाती कर दी जाएगी। सभी स्कूलों में खाली चल रहे पदों के बारे में अकसर यही कहा जाता है कि यहां पर जल्द स्टाफ की तैनाती होगी, लेकिन वास्तव में ऐसा बहुत कम होता है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
