
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के दलेर मेहंदी को टक्कर देने के लिए भाजपा भोजपुरी गायक मनोज तिवारी को अपने पाले में करने के मूड में है। इस तरह भाजपा कांग्रेस के पंजाबी कार्ड को पूर्वांचली कार्ड से जवाब देने की कोशिश में है। भाजपा की निगाह उन चालीस हजार पूर्वांचली मतदाताओं पर भी है जो डेढ़ दर्जन से अधिक सीटों को प्रभावित करते हैं।
चर्चा आम है कि मनोज तिवारी भाजपा में शामिल हो रहे हैं। इसे लेकर प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल के साथ उनकी बैठक भी हो चुकी है और इशारों-इशारों में गोयल भी इस बात का संकेत दे चुके हैं कि तिवारी को पार्टी विधानसभा चुनाव में उतारने वाली है। हालांकि समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ चुके मनोज तिवारी भाजपा के साथ बैठक को सिर्फ मुलाकात बता रहे हैं, लेकिन यह तय है कि दिल्ली के पूर्वांचलियों को अपने पक्ष में करने के लिए भाजपा इस कार्ड को खेलेगी। सूत्रों का कहना है कि मनोज तिवारी की दिलचस्पी विधानसभा चुनावों में नहीं है और लोकसभा में दांव आजमाना चाहते हैं। प्रदेश कार्यालय में भी इस बैठक को लेकर चर्चा होती रही।
जानकारों का कहना है कि पालम, द्वारका, करावल नगर, लक्ष्मीनगर, संगम विहार, बुराड़ी समेत करीब डेढ़ दर्जन से अधिक सीटों पर पूर्वांचली मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है। इतना ही नहीं, करीब 35-40 लाख पूर्वांचली दिल्ली में रहते हैं। लिहाजा मनोज तिवारी की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाना फायदे का सौदा होगा। भोजपुरी भाषी इलाकों में वे खासे लोकप्रिय हैं। अगर वे किसी पूर्वांचल बहुल सीट से लड़ते हैं इसका फायदा पार्टी को जरूर मिलेगा।
