कांग्रेसी ही थल्ले लगाने को बेताब

हमीरपुर। जिला कांग्रेस कमेटी के जनरल हाउस में आपसी फूट का मुद्दा गरमाया रहा। वक्ताओं ने आपसी फूट पर तंज कसने के साथ ही संगठित होने का आग्रह एक दूसरे से किया। जनरल हाउस में नाममात्र की उपस्थिति पर भी निराशा व्यक्त की। अंत समय में बाहर से प्रत्याशी थोपे जाने पर रोष जताया, तो चुनाव को देखते हुए घरों से बाहर निकलने का भी आग्रह किया। सर्व हित सुधार सभा भवन हमीरपुर में डीसीसी अध्यक्ष नरेश ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने लोकसभा चुनाव में संगठित होकर भाजपा का मुकाबला करने का आग्रह किया। दावा किया कि समस्त कार्यकर्ता काम करेंगे तो भाजपा को हराना मुश्किल नहीं है।
एपीएमसी के अध्यक्ष प्रेम कौशल ने कहा कि कुछ कार्यकर्ता एक दूसरे का गला काटने को तैयार बैठे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संगठित होने की आवश्यकता है। बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना होगा, तभी भाजपा को हमीरपुर में शिकस्त दी जा सकती है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम चंद पठानिया ने कहा कि पहले भी आया राम गया राम टिकट ले गए हैं, जिससे हमीरपुर में पार्टी की दुर्दशा हुई है। अनुराग पिता, परिवार के बल पर सांसद बने हैं।
जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश रानी ने कहा कि अनुराग को हराना मुश्किल नहीं है, लेकिन टिकट आवंटन के पश्चात आधे कार्यकर्ता चलते हैं, आधे घर बैठ जाते हैं। सभी को नेता नहीं कार्यकर्ता बनना होगा। पार्टी भी ऐसे वैसे को टिकट न दे, सोच समझकर पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता को टिकट दे। महिला कांग्रेस सचिव डा. राज धीमान ने कहा कि जिला कमेटी के जनरल हाउस में चार पांच दर्जन कार्यकर्ताओं की उपस्थिति निराशाजनक है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता दीपक शर्मा, पीसीसी डेलीगेट राजेंद्र जार, कुलदीप बेदी, राजीव मैहर, सुमन भारती, राजेश चौधरी, सीता राम भारद्वाज, अजय शर्मा, सुरजीत सिंह, मनोज शर्मा, चेतन लखनपाल, अश्वनी शर्मा, अरुण ठाकुर, मीना, ऊषा, पृथीचंद, पवन कालिया, पंजाब सिंह कौशल, सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक से कई नेता रहे नदारद
जिला कांग्रेस कमेटी के जनरल हाउस से कुछ नेताओं ने दूरी भी बनाए रखी। कुछ ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को तवज्जो दी तो कुछ उपस्थिति दर्ज करवाकर अपने काम से निकल लिए। पूर्व विधायक एवं केसीसी बैंक के वाइस चेयरमैन कुलदीप पठानिया, निदेशक अनिल वर्मा बैठक में नहीं थे। सूचना है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शिरकत करने गए थे। दूसरी ओर पीसीसी डेलीगेट नरेंद्र ठाकुर भी बैठक में उपस्थित नहीं थे, न ही समर्थक पदाधिकारी बैठक में आए थे। इसके अलावा कुछेक अन्य पदाधिकारी बैठक में उपस्थिति देने के लिए आए थे, रजिस्टर पर उपस्थिति दर्ज करवाकर और कुछ संबोधन के पश्चात बैठक से चल दिए।

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