
ऊना। जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में वीरवार को अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इसमें संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र मनकोटिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कर्मचारी नेताओं ने जिले के तमाम कर्मचारियों की समस्याओं को प्रदेशाध्यक्ष के समक्ष उठाया और उन्हें हल करवाने की मांग की। इस दौरान महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष और महासचिव पदों को लेकर छिड़े वाक युद्ध में भी कर्मचारी नेताओं ने सुर मिलाते हुए इन पदों के चुनाव की बात को निराधार बताया। जिला से कर्मचारी नेताओं में जिलाध्यक्ष अजय दुखिया, महासचिव संजय रत्न, दिनेश बन्याल, बीडी सिन्हा, महेंद्र सिंह राणा, अनिल कुमार और विवेक वशिष्ट ने कहा कि सभी कर्मचारी एकजुट होकर सुरेंद्र मनकोटिया के साथ हैं।
कहा कि कुछ कर्मचारी नेता मामले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का नाम भी उछाल रहे हैं, उन्हें इससे सचेत रहना चाहिए अन्यथा उनका घेराव किया जाएगा। महासंघ किसी भी प्रकार से कर्मचारियों को प्रताड़ित करने में विश्वास नहीं रखता है, अपितु कर्मचारियों की समस्याओं को हल करवाना ही महासंघ का ध्येय है। कर्मचारी महासंघ रोगी कल्याण समिति, मिड-डे-मील, अंशकालीन आदि तमाम योजनाओं के तहत रखे गए कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके संदर्भ में प्रदेश सरकार से अवश्य मुद्दा उठाएगा। जल्द ही इस संदर्भ में प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से बातचीत की जाएगी। उधर, सुरेंद्र मनकोटिया ने बताया कि यह प्रदेश में पांचवां जिला है, जहां उपायुक्त से मिलकर कर्मचारियों की समस्याओं के संदर्भ में चर्चा की है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की वर्ष 2007 में अधूरी छोड़ी गई मांगें ही आज के परिप्रेक्ष्य में प्रमुख मांगें हैं। दुख की बात है कि पूर्व प्रदेश सरकार ने पांच साल तक कर्मचारियों की कोई भी मांग पूरी नहीं की है। प्रदेश के मुख्यमंत्री को कर्मचारियों की 82 मांगों का एक पत्र सौंप दिया गया है। महासंघ उन तमाम मांगों को पूरा करवाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। इस मौके पर महासंघ के प्रदेश महासचिव गोपाल कृष्ण, उपाध्यक्ष अनिल चड्ढा, संयुक्त सचिव प्रदीप चौहान भी मौजूद रहे
