
मंडी। प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री एनआर ठाकुर ने कहा कि 18 दिसंबर को जंतर-मंतर दिल्ली में देश के विभिन्न कर्मचारी संगठन प्रदर्शन करेंगे। धरने में सभी राज्यों के हजारों कर्मचारी भाग लेंगे। प्रदेश से 500 से अधिक कर्मचारी अपनी मांगों के अलावा कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे।
यह धरना केंद्र सरकार की कर्मचारी और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ होगा। केंद्र सरकार पर इन नीतियों को बंद करने का दबाव बनाया जाएगा। धरने में जिन मुद्दों को मुख्य रूप से उठाया जाएगा, उनमें 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में शामिल करना, सातवें वेतन आयोग का शीघ्र गठन करके वेतन संबंधी सिफारिशों को लागू करना, 2003 से लागू नई पेंशन योजना को बंद करके पुरानी पेंशन नीति करना शामिल रहेगा। इसके अतिरिक्त भविष्य निधि पर साढ़े 12 प्रतिशत ब्याज, सरकारी नौकरी में ठेका प्रणाली को समाप्त करना और रिक्त पदों को भरना, आयकर सीमा को 5 लाख तक बढ़ाना, छठे वेतन आयोग में आई भारी विसंगतियों को दूर करना, देश में विदेशी खुदरा व्यापार को अनुमति न देना, ग्रेच्युटी सीमा 15 दिन की जगह 30 दिन वार्षिक के हिसाब से पूरे सेवाकाल में शामिल करना, अधिकारी और कर्मचारी के वेतन निर्धारण में ज्यादा अंतर सीमा समाप्त करना शामिल रहेंगी। उन्होंने प्रदेश के जुझारू कर्मचारियों से आह्वान किया है कि वह 18 दिसंबर को जंतर-मंतर दिल्ली के लिए कूच करें।
