
रामपुर बुशहर। रामपुर में शुक्रवार को इंटक का खंड स्तरीय अधिवेशन आयोजित किया गया। अधिवेशन की अध्यक्षता सीपीएस स्वास्थ्य नंद लाल ने की। इस मौके पर इंटक की कर्मचारी यूनियन ने कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर सीपीएस को मांग पत्र सौंपा। सीपीएस ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सरकार के समक्ष रखकर समाधान करवाया जाएगा। इंटक ने प्रदेश सरकार से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का न्यूनतम वेतन 10,000 रुपये करने की मांग की है। वहीं कर्मचारियों को 4-9-14 का लाभ देने, आईपीएच विभाग में लगे जल रक्षकों को पंचायतों से हटाकर विभागों में शामिल करने, विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदोें को एलडीआर नीति के तहत भरने, इसी नीति के तहत कर्मचारियों को टाइप टेस्ट का एक ओर मौका देने की अपील की है। मिड-डे-मील वर्करों को दैनिक भोगी घोषित करने और 15 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर चुके जलवाहकों को 6 वर्ष के बाद नियमित करने की मांग की गई।
वहीं, लोक निर्माण विभाग और आईपीएच में कार्यरत कार्य निरीक्षकों को जेई के पदों पर पदोन्नत करने, वन विभाग में सीधी भर्ती नियम के तहत वन रक्षकों के पद चतुर्थ क्षेणी के कर्मचारियों से भरने की भी मांग की। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पंजाब और उत्तराखंड की तर्ज पर मानदेय देने की मांग की। साथ ही सुपरवाइजरों के 90 प्रतिशत पद आंगनबाड़ी वर्करों से भरने की मांग रखी। सीपीएस ने अधिवेशन में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बताया कि कर्मचारी सरकार की रीढ़ की हड्डी होते हैं। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा ही कर्मचारियों की समस्याओं को दूर किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी कर्मचारियों की समस्याओं को दूर किया जाएगा। अधिवेशन में इंटक के अध्यक्ष कुशाल शर्मा, महासचिव जेएल डमालू सहित अन्य लोग मौजूद थे।
