करोड़ों की सीटी स्कैन मशीन, कमरे में बंद

पौड़ी। जिला अस्पताल में करोड़ों की लागत से सीटी स्कैन मशीन लगने के बाद भी शहरवासियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्हें सीटी स्कैन के लिए श्रीनगर, देहरादून की दौड़ लगानी पड़ रही है। मशीन को लगाए एक साल हो गया है, लेकिन अभी तक भाभा एटमिक एनर्जी रिसर्च इंस्टीट्यूट से प्रमाणपत्र नहीं मिलने से मशीन अस्पताल को हैंडओवर नहीं हो सकी है।
वर्ष 2012 में जिला अस्पताल में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से सीटी स्कैन मशीन लगाई गई है। साथ ही करीब एक करोड़ रुपये इसे रखने के लिए भवन आदि चीजों पर खर्च हो गए। बावजूद इसके लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। मशीन संचालन के लिए भाभा एटमिक एनर्जी रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रमाणपत्र की जरूरत होती है, लेकिन एक साल से प्रमाणपत्र नहीं मिलने की वजह से मशीन अस्पताल को हस्तांतरित तक नहीं हो पाई है। वहीं जिला अस्पताल में तकनीशियन नहीं होने की वजह से भी मशीन हस्तांतरण में दिक्कत आ रही है।
अल्ट्रासाउंड मशीन भी बनी अनुपयोगी
जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से अस्पताल में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन का कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों को दिक्कत हो रही है। लोगों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बाहर जाना पड़ रहा है।
सीटी स्कैन मशीन के संचालन के लिए अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट और तकनीशियन नहीं है, जिससे इसका संचालन नहीं हो पा रहा है। मशीन को संचालित करने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ का न होना बड़ी समस्या है।
-डा. एके सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी पौड़ी

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