करोड़ों का सेब तबाह कर गए प्रवासी पक्षी

भल्याणी (कुल्लू)। लाखों की तादाद में कुल्लू पहुंचे प्रवासी पक्षियों ने जिले में सेब की फसल को खासा नुकसान पहुंचाया है। यहां डेरा जमाए यह पक्षी रोजाना हजारों पेटी सेब को दागी कर जाते हैं। इससे बागवानों में हड़कंप मचा हुआ है। बागवानों को इस कारण अच्छी खासी चपत लग रही है। जिला के सेब उत्पादकों ने उद्यान विभाग से राहत दिलाने की गुहार लगाई है। प्रवासी परिंदों की इस प्रजाति को सेब नहीं बल्कि इसके बीज पसंद हैं। बीज के चक्कर में यह पक्षी पूरे सेब को खराब कर जाता है।
जिले में इस बार मौसम के अनुकूल रहने से सेब की बंपर फसल हुई है। उद्यान विभाग ने 2.24 लाख मीट्रिक टन सेब के उत्पादन का लक्ष्य रखा है। घाटी में 24 हजार हेक्टेयर भूमि पर सेब के बागान हैं। एक हेक्टेयर में 300 सेब के पौधे हैं। बागवानी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कुल्लू जिले में 72 लाख सेब के पौधे वर्तमान में फल दे रहे हैं।
बागवान दिले राम, रोशन कुमार, तेज राम, हरभजन सिंह ने बताया कि यहां पहुंचे प्रवासी पक्षियों ने उनके सेब की फसल को तहस-नहस कर दिया है। उद्यान विभाग के विषय विशेषज्ञ डा. टेक चंद ठाकुर ने कहा कि इन प्रवासी पक्षियों ने जिला में करोड़ों का सेब चट कर दिया है। सेब उत्पादक विभाग के पास शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। हालांकि इनका आहार सेब नहीं, सेब का बीज होता है। अब तक यह बागवानों को करोड़ों का चुना लगा चुके हैं।

जालियों का इस्तेमाल करें बागवान
यहां पहुंचा प्रवासी पक्षी तोता है। इसे स्थानीय बोली में शुगअ के नाम से जाना जाता है। सेब की लाखों पेटियों को यह दागी कर रहा है। इसकी रिपोर्ट मिली है। उन्होंने बागवानों को सलाह दी है कि बागों में पहरा दें, फायर करें या फिर विभाग द्वारा 80 प्रतिशत उपदान पर मिल रही पक्षी रोधक जालियों को बगीचों में लगाएं।
बीसी राणा उपनिदेशक उद्यान विभाग कुल्लू

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