
होली (चंबा)। होली इलाके की ग्राम पंचायत बजोल की पांच हजार आबादी आज भी सड़क व स्वास्थ्य सुविधा से वंचित है। सरकार की अनदेखी का शिकार इस पंचायत के लिए सड़क न होने से ग्रामीणों को बस पकड़ने के लिए करीब आठ किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है। वर्ष 2009 में इस पंचायत को सड़क से जोड़ने के लिए सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन एक साल बाद ही इसका काम बंद हो गया। इसके बाद यह काय आज तक दोबारा से शुरू नहीं हो पाया है। इस पंचायत को सड़क से जोड़ने के लिए न्याग्रां-बजोल सड़क का निर्माण किया जाना है। इसके लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत करीब चार करोड़ 55 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। इसमें रावी नदी पर एक पुल का निर्माण भी किया जाना है। हैरत की बात है कि बजट होने के बावजूद इस सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है।
काम छोड़ भागा ठेकेदार
बताया जा रहा है कि लोक निर्माण विभाग ने जिस ठेकेदार को इस सड़क का काम दिया है वह करीब चार किलोमीटर सड़क का निर्माण करने के बाद निर्माण कार्य छोड़कर भाग गया है। हैरत की बात है कि चार साल बीत जाने के बाद भी विभाग ने न तो ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई की और न ही दोबार टेंडर करवाए। ऐसे में इस सड़क का काम अधर में लटका हुआ है।
जल्द निर्माण शुरू हो
स्थानीय पंचायत प्रधान सीमा देवी, उप प्रधान रंजीत सिंह, ब्लॉक समीति सदस्य सीमा देवी, मलका देवी, जिगरी राम, चंचला, रक्षा देवी, विक्रांत सिंह और राजीव कुमार ने बताया कि सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार व संबंधित विभाग से मांग की है कि इस सड़क का काम जल्द शुरू किया जाए। उधर, लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता जनक सिंह राणा ने बताया कि कई बार ठेकेदार को नोटिस दिया, लेकिन काम शुरू नहीं किया। उन्होंने कहा कि जल्द ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी
स्वास्थ्य सुविधा भी नहीं
इस पंचायत में कोई स्वास्थ्य कें द्र भी नहीं है। इस कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए 24 किलोमीटर दूर स्थित स्वास्थ्य केंद्र होली जाना पड़ता है। हालांकि न्याग्रां में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी है, लेकिन डिस्पेंसरी में चिकित्सक नहीं है। कई सालों से यह डिस्पेंसरी एक चपरासी के सहारे चल रही है। इस कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
