
आनी (कुल्लू)। मंगलवार देश शाम आनी क्षेत्र में ओलों ने तबही मचा डाली। पांच मिनट हुई ओलावृष्टि ने सेब की बंपर फसल की आशा को निराशा में बदल डाला। आलम यह था कि पांच मिनट में जमीन पर ओलों की 7.5 सेंटीमीटर मोटी परत जम गई। इधर, ओलावृष्टि से घबराए बागवान देवी देवताओं की शहर में पहुंच गए हैं ताकि मौसम की इस मार से उनकी फसलों की रक्षा हो सके।
उल्लेखनीय है कि इस बार हुई भारी बर्फबारी के बाद सेब, प्लम सहित अन्य नकदी फसलों की बंपर पैदावार की उम्मीद थी। अभी सेटिंग ही पूरी नहीं हो पाई थी कि इंद्र देव कहर बन कर टूट पड़े। उक्त क्षेत्र में हर साल ओलों की बरसात के कारण बागवानों की आर्थिक स्थिति खराब चल रही है। आलम यह है कि बागवान मुश्किल से पौधों का खर्च उठा पा रहे है। इस बार कुछ उम्मीद बंधी थी और भी मंगलवार को टूट गई। घबराए बागवान अपने इष्ट देवता की शरण पहुंचना शुरू हो गए ताकि हर साल हो रहे नुकसान से उन्हें बचाया जा सके। सरकार द्वारा जाली पर भी 80 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है। यहां के बागवानों की हालत उसे खरीदने लायक भी नहीं है। कराड़ पंचायत की प्रधान गुड्डी देवी, पूर्व प्रधान रफतार ठाकुर, अशोक बिष्ट, मस्तराम, गीताराम ने सरकार से मांग उठाई है कि विभाग द्वारा आनी में ओलावृष्टि से प्रभावितों का मुआयना किया जाए और उन्हें राहत राशि जारी की जाए।
