
हमीरपुर। कराड़ा पेयजल योजना में पेयजल संकट गहरा गया है। पेयजल योजना के अंतर्गत करीब एक दर्जन गांवों में तीसरे दिन नाममात्र पेयजल आपूर्ति हो रही है। हालांकि विभाग को समस्या के प्रति अवगत करवाया जाता है लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। ऐसे में लोगों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है।
स्थानीय बाशिंदों में दिनेश, सुरेश, अनुपम, अशोक, अंकू, रमणीक, सुमित कुमार, अरुण कुमार, ज्योति, कल्पना, सुनीता, रीना आदि लोगों का कहना है कि गर्मियों के मौसम में कराड़ा पेयजल योजना पूरी तरह से हांफ गई है। क्षेत्र के लोगों को तीसरे दिन पेयजल की नाममात्र आपूर्ति हो रही है। हालांकि विभागीय कर्मचारियों को समस्या के प्रति अवगत करवाया जा रहा है लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है।
क्षेत्र के पनियाला, गरने दा गलू, भरनांग, सलोट, खरोह, कलंझड़ी और ब्रह्मणी आदि गांवों में तीसरे दिन पेयजल आपूर्ति हो रही है जो नाममात्र है। लोगों का आरोप है कि विभागीय कर्मचारियों को पानी न आने की कई बार शिकायत की जाती है लेकिन इसके बावजूद कर्मचारी अड़ियल रवैये के चलते पानी की सप्लाई नहीं देते हैं। कर्मचारी टैंक में पानी होने पर ही सप्लाई छोड़ने का हवाला देते हैं। लोगों का कहना है कि मई माह में ही पेयजल आपूर्ति की इतनी समस्या है, तो जून माह में हालात कैसे होंगे। इसका अंदाजा स्वयं लगाया जा सकता है।
उधर, आईपीएच विभाग के एसडीओ अमी चंद का कहना है कि गर्मियों के मौसम में पानी की शार्टेज के चलते तीसरे दिन पानी की आपूर्ति हो रही है। उन्हाेंने क्षेत्र की जनता से अपील की कि पानी का दुरुपयोग न करें। जहां तक कर्मचारियों के अड़ियल व्यवहार की बात है तो शिकायत आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
