
मैहतपुर (ऊना)। नगर पंचायत मैहतपुर-बसदेहड़ा में क्या सीवरेज का सपना पूरा हो पाएगा? पिछले सात साल से लटके इस मसले को कौन हल करवाएगा? इस दिशा में नगर पंचायत ने क्या प्रयास किए हैं? यह कुछ ऐसे सवाल है, जो जवाब मांग रहे हैं। बेशक नगर पंचायत क्षेत्र के 70 फीसदी हिस्से में सीवरेज नेटवर्क का जाल बिछाए जाने के दावे किए जा रहे हों, लेकिन जब तक लोगों को यह सुविधा मिल नहीं जाती, तब तक इन सवालों का उठना लाजिमी है। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग की देखरेख में होने वाले इस अहम विकास कार्य को शुरू हुए सात साल का समय हो चुका है। मगर सीवरेज के लिए बने कुल चार जोन में से अभी तक महज जोन डी में ही 30 सीवरेज कनेक्शन हो सके हैं।
सूत्रों के मुताबिक ट्रीटमेंट टैंक को बनाए बिना ही सीवरेज नेटवर्क तो बिछा दिया गया, जबकि ट्रीटमेंट टैंक के लिए जगह का चयन हुआ ही नहीं है। स्थानीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंडित रमेश्वर दत्त द्विवेदी ने कहा कि जब ट्रीटमेंट के बनाए जाने का ही पता नहीं है तो फिर सीवरेज नेटवर्क पर सरकार ने लाखों रुपये खर्च ही क्यों किए। वासुदेव, प्रीतम संधू, तरसेम लाल, राजेश कुमार, हुसन लाल, संजीव कुमार ने बताया कि नगर पंचायत के नुमाइंदे मैहतपुर में आज तक सीवरेज सिस्टम को शुरू नहीं करवा पाए हैं, तो फिर विकास के दावे क्यों?
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नगर पंचायत अध्यक्ष सोहन लाल की मानें तो सीवरेज का काम आईपीएच विभाग करवाता है, नगर पंचायत का इस में कोई दखल नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा जल्द शुरू हो सके, इसके लिए वह प्रयासरत हैं।
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आईपीएच उपमंडल मैहतपुर में एसडीओ पीसी चड्ढा ने बताया कि ट्रीटमेंट टैंक के लिए जमीन अधिगृहत किए जाने का मामला मंजूरी को भेजा गया है। उन्होंने माना कि जोन-डी के कुछ हिस्से को छोड़कर नगर पंचायत क्षेत्र में कहीं पर भी सीवरेज कनेक्शन नहीं हो पाए हैं
