
कुल्लू। वर्ष 1984 में बनी सीन-रंगशाल-दोगरी सिंचाई कूहल 29 साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। करीब तीन दशकों से कूहल पूरी नहीं होने से करीब 500 बीघा जमीन बंजर होने के कगार पर पहुंच चुकी है। कई किसानों ने पर्याप्त सिंचाई के लिए पानी न मिलने पर खेती करना ही छोड़ दी है।
सिंचाई कूहल का कार्य अधर में लटकने तथा सूखे से किसानों को साल दर साल भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। कूहल गंतव्य तक पहुंचे यह मुद्दा विस चुनाव में भी खूब उछाला गया लेकिन जीतकर विस पहुंचे राजनेताओं ने अब तक कुछ नहीं किया। करीब तीन किलोमीटर लंबी इस कूहल का दो किलोमीटर तक ही निर्माण किया गया। लंबित एक किलोमीटर का कार्य 29 सालाें बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण एक किलोमीटर के दायरे में आने वाली करीब 500 बीघा जमीन बिना पानी के पड़ी है। इस हालात में कई किसानों ने खेती करना भी छोड़ दिया है, जबकि कुछ छोड़ने की तैयारी में है। सिंचाई की गंभीर समस्या को देखते हुए इलाकावासी पूर्व में कई बार मंत्रियों तथा स्थानीय विधायकों से लेकर विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलकर इसे पूरा करने की गुहार लगा चुके हैं। इतना ही नहीं कूहल के निर्माण के लिए बैकवर्ड सब प्लान के तहत तीन लाख रुपये स्वीकृत भी हुए थे, लेकिन हैरानी की बात है राजनीति दखल होने से इस पैसे को यहां से बदल कर दूसरी पंचायत के लिए डाल दिया गया। कूहलों के निर्माण के लिए मंजूर पैसे के बदलने की भनक जब पंचायत वासियों और कूहल से लाभान्वित होने वाले किसानों को लगी तो वे भड़क उठे। मुडदढ़ पंचायत प्रधान चंदा देवी, उपप्रधान बुद्धि सिंह तथा वार्ड सदस्य तुलसी देवी, किसान नूर चंद, जगदीश, कौशल्या देवी, बुद्धि सिंह ठाकुर, चंद्रमणि, तिलकराज शर्मा, केहर सिंह, मंगत राम तथा ध्यान सिंह ने कहा कि चुनाव के वक्त नेता खूब वादे और घोषणाएं करते हैं, लेकिन चुनावी खत्म होने के बाद नेता सब कुछ भूल जाते हैं।
