
ऊना। राज्यसभा सांसद शांता कुमार ने कहा कि शिक्षा को लेकर स्वामी विवेकानंद की अवधारणा आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने शिक्षा पर क्रांतिकारी विचार प्रकट किए थे। शांता कुमार ने कहा कि जो शिक्षा संवेदनहीन हो, जिसमें नैतिकता का बोध न हो, उसका कोई लाभ नहीं। स्वामी विवेकानंद आधुनिक भारत के निर्माता रहे हैं। एक बार पुन: देश की जनता को स्वामी विवेकानंद के दिखाए मार्ग पर चलने की जरूरत है। शांता सोमवार को एलजेएन हिमोत्कर्ष कन्या महाविद्यालय परिसर में भवन लोकार्पण एवं नई छात्राओं के लिए आयोजित स्नेह अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने इस बात पर चिंता प्रकट की कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा कन्या भ्रूण हत्या के मामले में देश के अव्वल राज्यों की श्रेणी में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लोग शक्तिपीठों में तो मां की पूजा करते हैं, लेकिन गर्भ में पल रहे कन्या भ्रूण की हत्या में संकोच नहीं कर रहे हैं। यह एक अक्षम्य अपराध है। शांता कुमार ने कहा कि इस अपराध में सबसे अधिक दोषी महिलाएं भी हैं, जो इसके खिलाफ खुलकर विद्रोह नहीं कर पा रही हैं। शांता ने कहा कि कालेज छात्राओं को नि:शुल्क शिक्षा, आवास तथा भोजन की व्यवस्था कर कालेज सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने अपनी सांसद निधि से कालेज प्रशासन को भवन निर्माण के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम को प्रदेश भाजपाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, विधायक विरेंद्र कंवर, हिमोत्कर्ष परिषद के प्रदेशाध्यक्ष कंवर हरि सिंह, कालेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राणा शमशेर सिंह व कालेज प्राचार्य बीके शर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कालेज प्रबंधन समिति ने शांता कुमार तथा उनकी धर्मपत्नी साहित्यकार संतोष शैलजा को शाल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में जिला भाजपाध्यक्ष बलबीर बग्गा, प्रदेश भाजपा सह मीडिया प्रभारी हरिओम भनोट, हिमोत्कर्ष के मुख्य सलाहकार विनोद लखनपाल, प्रदेश महासचिव ठाकुर यशपाल सिंह, कालेज प्रबंधन समिति के सचिव डा. रविंद्र सूद, एचआर वशिष्ठ, कर्णपाल मनकोटिया, कर्नल डीपी वशिष्ठ, वरिष्ठ नागरिक फोरम के जिलाध्यक्ष जीआर वर्मा, पार्षद सुरजीत सैणी, पूर्व पार्षद नवदीप कश्यप, मनोहर लाल, चरणजीत शर्मा, सुरेंद्र हटली, अमृतलाल भारद्वाज, रमेश भड़ौलियां, सागर दत्त भारद्वाज, सुमित शर्मा, पुनीत मैहन, शेर सिंह ठाकुर व कालेज स्टाफ सदस्य तथा छात्राएं उपस्थित थीं।
पुस्तक का विमोचन किया
शांता कुमार ने वरिष्ठ लेेखक एवं शिक्षाविद राणा शमशेर सिंह द्वारा लिखित पुस्तक ‘ऊना लोक दर्पण भाग-एक’ का विमोचन किया। शांता कुमार ने कहा कि इस पुस्तक में लेखक ने ऊना की संस्कृति को जीवंत रूप से दर्शाया है। लेखन स्वयं में एक पूर्णकालिक कार्य है। लिखित साहित्य के माध्यम से हम अपनी भावी पीढ़ियों को इतिहास के बारे में जानने व समझने का अवसर प्रदान कर पाते हैं।
