और चुंगु राम बन गया बड़ा बागवान

कुल्लू। कभी दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने के लिए दिनभर हाड तोड़ मेहनत करनी पड़ती थी। आज उनकी जमीन पर अनार और नाशपाती की फसल लहलहा रही है। फिल्मों अक्सर इस तरह की प्रगति एक गरीब किसान पर बुनी कहानी में दिखाई जाती रही है लेकिन यह सच कुल्लू जिले के कलैहली गांव के चुंगु राम का।
उद्यान विभाग के माध्यम से चलाए जा रहे बागवानी तकनीकी मिशन की योजना चुंगु राम के लिए काफी मददगार साबित हुई। योजना के तहत चुंगु को पावर टिल्लर खरीदने को पैंतालीस हजार की सब्सिडी मिली। इसके बाद शुरुआत हुई आधुनिक कृषि की। दिन बीतते गए और खेतों में फूटे अंकुरों ने जब पौधे का रूप हासिल किया तो मेहनत का रंग भी फलों पर चढ़ने लगा। आज आठ बीघा जमीन पर रसीले अनारों और नाशपाती का बगीचा लहलहा रहा है।
चुंगु राम ने बताया कि उद्यान विभाग के बागवानी तकनीकी मिशन से ही यह संभव हुआ है। एक शिविर में उन्हें टिल्लर खरीदने की जानकारी मिली। पॉवर टिल्लर खरीदने के बाद वह बेहतर तरीके से खेती करने में सक्षम हुए। चुंगु राम ने वर्मी कंपोस्ट पिट के निर्माण के लिए भी पंद्रह हजार का अनुदान लिया है। आठ बीघा जमीन पर लगी अनार और नाशपाती से उन्हें काफी आमदनी हो रही है।
उद्यान विकास अधिकारी रमेश ठुकराल ने बताया कि पावर टिल्लर खरीदने के कई फायदे हैं। परंपरागत फसलों के अलावा किसान-बागवान करेला, घीया, टमाटर और अन्य नकदी फसलों की बिजाई भी पॉवर टिल्लर से कर सकते हैं। पॉवर टिल्लर एक दिन में कई बीघा जमीन पर बिजाई कर सकता है। किसानों और बागवानों को इसका लाभ उठाना चाहिए।

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