ऐसे तो नहीं पकेगा दोपहर भोजन

ऊना। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने मिड डे मील के लिए मिलने वाले सिलेंडरों पर सब्सिडी न दिए जाने पर रोष प्रकट किया है। संघ के जिला अध्यक्ष विनय शर्मा, प्रवक्ता महेश शारदा, कोषाध्यक्ष रवि राणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय शर्मा, लेखाकार लखविंद्र सिंह, रमन कुमार, अवतार सिंह हरोली, वीरेंद्र राणा, कुलदीप कंग, जोगेंद्र सिंह, जगदेव सिंह ने कहा कि मिड डे मील के लिए कुकिंग कॉस्ट मात्र तीन रुपये 34 पैसे मिलती है। इसी में ही अन्य राशन भी लेना होता है। जब सिलेंडर 380 से 450 रुपये तक मिलता था, तब कुकिंग कास्ट तीन रुपये 11 पैसे थी, लेकिन बाजार में हर वस्तु का मूल्य लगभग 25 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गया है और सिलेंडर अब 1100 रुपये में मिल रहा है। ऐसे में मिड डे मील दे पाना अध्यापकों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। संघ का कहना है कि कुकिंग कॉस्ट का आधा भाग तो ईंधन में ही खर्च हो जाता है। शिक्षकों ने कहा कि ऐसी स्थिति में मिड डे मील योजना उनके लिए मानसिक परेशानी का कारण बन रही है। इसकी गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए अध्यापकों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मसले का हल नहीं निकला तो अध्यापक शीघ्र ही कोई निर्णय लेने पर बाध्य होगा। जिसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी।

क्या कहते हैं अधिकारी
उपशिक्षा निदेशक उच्च शिक्षा आरसी टबयाल और उपशिक्षा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा निर्मल रानी ने कहा कि यह गंभीर मसला है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को बुलाकर उनके साथ इस मसले पर बैठक करेंगे।

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