
चंडीगढ़: गवर्नमैंट मैडीकल कॉलेज सैक्टर 32 में एम.बी.बी.एस. सीट के लिए दूसरे राऊंड की काऊंसलिंग में शामिल एक छात्र ने कॉलेज प्रबंधन व प्रशासन द्वारा कथित रूप से दाखिले में बरती जा रही अनियमितताओं को लेकर मैडीकल कॉलेज व चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है।
6 तक जवाब तलब
याचिका पर कार्रवाई करते हुए हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन व गवर्नमैंट मैडीकल कॉलेज-32 के डायरैक्टर प्रिंसीपल को 6 अगस्त तक के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अर्पित अग्रवाल नामक इस छात्र ने अपनी याचिका में कहा है कि कॉलेज प्रबंधन ने संबंधित दाखिले को लेकर रिसिप्ट की आखिरी तारीख 24 जून तय की थी जबकि दाखिले को लेकर अभी भी फ्रैश आवेदन मांगे जा रहे हैं।
वहीं दाखिले के संबंध में प्रॉस्पैक्टस व ब्राशर में साफ कहा गया था कि अधूरी एप्लीकेशन्स को रिजैक्ट कर दिया जाएगा। इसके बावजूद कई आवेदकों के फार्म में कमियां होने व दस्तावेज अधूरे होने के बावजूद उन्हें पहले राऊंड की काऊंसलिंग में शामिल कर लिया गया। वहीं याचिकाकत्र्ता छात्र की तरफ से कहा गया है कि आल इंडिया कोटा के तहत एक ओर जहां 15 प्रतिशत एडमिशन को लेकर कट ऑफ डेट खत्म होने पर नए आवेदन स्वीकार नहीं किए गए वहीं दूसरी ओर बाकी बचे 85 प्रतिशत कोटा में चंडीगढ़ प्रशासन तानाशाही भरा रवैया अपना रहा है।
याचिका के मुताबिक इसका सीधा असर सभी श्रेणियों में मिलने वाले आरक्षण पर असर पड़ेगा। विवाद उस समय शुरू हुआ था जब इंटैक कपैसिटी के तहत एम.बी.बी.एस. कोर्स की अतिरिक्त 50 सीटों के लिए प्रशासन द्वारा फ्रैश आवेदन मांगे गए थे। देशभर के कुल 32 निजी व सरकारी कॉलेजों के लिए इस प्रकार के आवेदन मांगे गए थे। याचिका में कहा गया कि जिन 32 कॉलेजों में इन 50 अतिरिक्त सीट को मंजूरी दी गई है वह नए आवेदनों को लेने की बजाए वास्तविक मैरिट लिस्ट का पालन कर रहे हैं।
