
नई दिल्ली। नेशनल हेल्थ केयर ऑर्गेनाइजेशन (एनएचसीओ) में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने ऑर्गेनाइजेशन के नाम पर एक विज्ञापन निकालकर करीब पांच हजार पद पर नौकरी के इच्छुक लोगों का फॉर्म भरवा लिया। उनसे 501 रुपये का ड्राफ्ट भी लिया गया और इसके बाद फरार हो गए। कार्यालय पहुंचे पीड़ितों को फर्जीवाड़े का पता चला तो उन्होंने गुलाबी बाग थाना पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने इस सिलसिले में दो लोगों को हिरासत में लिया है।
जानकारी के मुताबिक , रमन कुमार (21 वर्ष) साहिबाबाद इलाके में रहता है और सीसीएस यूर्निवसिटी से स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। उसने गुलाबीबाग थाने में ठगी की शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि उसने 28 मई को इंटरनेट पर नेशनल हेल्थ केयर ऑर्गेनाइजेशन में नौकरी का विज्ञापन देखा। इसमें 4,716 पद के बारे में जानकारी देते हुए 8 जूून को फार्म भरने की अंतिम तारीख दी गई थी। रमन डाटा इंट्री ऑपरेटर के पद के लिए फॉर्म भरने के बाद कंपनी के बताए पते रामबाग रोड, सब्जी मंडी पहुंचा। वहां कबाड़ी की दुकान के ऊपर एक कमरे में बने कार्यालय को देखकर उसे शक हुआ।
मौके पर दो कर्मचारी सोनीपत निवासी देवेंद्र और सुरेंद्र मौजूद थे और दोनों हजारों फॉर्म से ड्राफ्ट निकाल रहे थे। रमन ने फॉर्म देकर उन्हें पावती देने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने पावती देने से इंकार कर दिया। पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि भगत इंफोटेक के डायरेक्टर सोनीपत निवासी विनय कुमार सोलंकी की नेशनल हेल्थ केयर ऑर्गेनाइजेशन के साथ समझौता है और उनके कहने पर ही वह काम कर रहे हैं। शक होने पर रमन ने इसकी शिकायत पुलिस से की। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की और स्वास्थ्य विभाग से इसकी जानकारी मांगी। वहां से मिली जानकारी से पता चला कि उसने किसी भी पद के लिए ऐसा कोई आवेदन नहीं मांगा है। पुलिस ने फर्जीवाड़े का मामला दर्ज कर देवेंद्र और सुरेंद्र को हिरासत में ले लिया। विनय कुमार फिलहाल फरार है।
