एचआरटीसी में बसों और परिचालकों का टोटा

हमीरपुर। एचआरटीसी के हमीरपुर डिपो में परिचालकों का टोटा है। वहीं करीब एक दर्जन बसों की शार्टेज चल रही है। इससे बसें निर्धारित रूटों पर नहीं दौड़ पा रही है। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
डिपो से पांच बसों को कंडम घोषित कर सड़कों से हटा दिया गया है। जबकि इतनी ही और बसों को प्रबंधन कंडम घोषित कर सड़कों से हटाने की तैयारी कर रहा है। पहले ही डिपो में करीब एक दर्जन बसों की शार्टेज चल रही है और बसों के सड़कों से हटाने से समस्या और भी बढ़ जाएगी। इसके अलावा डिपो में करीब 30 परिचालकों के पद भी रिक्त पड़े हुए हैं। हालांकि उच्चाधिकारियों को समस्या के प्रति कई बार अवगत करवाया जा चुका है लेकिन अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। दिन में करीब आधा दर्जन रूट परिचालकों की शार्टेज के चलते प्रभावित होते हैं तो कई रूटों पर बसें देरी से रवाना होती हैं। इससे यात्रियों को अकसर परेशानी का सामना करना पड़ता है। परिचालकों और बसों की शार्टेज के चलते निगम के करीब डेढ़ दर्जन रूट प्रभावित हो रहे हैं। कई रूटों पर सप्ताह में मात्र दो बार बसें भेजी जा रही हैं तो कई रूटों को नियमित रूप से बंद कर दिया गया है।
उधर, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप कुमार का कहना है कि बसों और परिचालकों की शार्टेज के चलते बस रूट प्रभावित हो रहे हैं। नई बसों के आने और परिचालकों की नियुक्ति होने पर ही समस्या का समाधान हो सकेगा।

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