
बड़सर (हमीरपुर)। बाबा बालक नाथ कालेज चकमोह में प्रबंधन ने विद्यार्थी परिषद के प्रत्याशी का नामांकन मात्र एक विषय में एक हाजिरी कम होने के आधार पर रद कर दिया, जबकि जिले के अन्य कालेजों में सभी विषयों की औसतन 75 प्रतिशत हाजिरी गिनी गई है। कालेज में सारा दिन हाजिरी जांच का ड्रामा चलता रहा और शाम पांच बजे नोटिस बोर्ड पर नामांकन रद करने की लिस्ट लगा दी गई। कालेज में शाम पांच बजे तक फोन बंद रखे गए और कालेज प्रबंधन ने किसी से बात तक नहीं की। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता कालेज में प्रदर्शन करते रहे और कालेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। विद्यार्थी परिषद के प्रधान पद का प्रत्याशी तरुण बीकॉम तृतीय का छात्र है। तरुण कुमार ने बताया कि उसकी सभी विषयों में औसतन हाजिरी 75 से अधिक है, लेकिन आईटी विषय में 27 में से 20 हाजिरियां दर्शाई गई हैं। कालेज प्रशासन ने मात्र एक विषय में एक हाजिरी कम दर्शाते हुए नामांकन रद कर दिया। आरोप लगाया कि कालेज प्रशासन राजनेताओं के इशारे पर कार्य कर रहा है। युवा कांग्रेस के नेता कालेज परिसर पर प्राचार्य के कार्यालय में घूमते रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। विद्यार्थी परिषद के परिसर अध्यक्ष दीपक शर्मा, सचिव पकंज ने 16 अगस्त को धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।
नियमों के तहत गिनी जाएगी हाजिरी
आईटी विषय की कालेज प्रवक्ता सुमन शर्मा ने बताया कि छात्र की 27 में से 20 हाजिरी हैं। इसकी जानकारी कालेज प्राचार्य दे दी है। बड़सर कालेज प्राचार्य केएल मिन्हास ने बताया कि चुनाव नियमों के तहत औसतन हाजिरी 75 प्रतिशत गिनी जाएगी। चकमोह कालेज प्राचार्य सुरेश सांख्यान ने बताया कि छात्र तरूण के एक विषय में एक हाजिरी कम होने के कारण नामाकंन रद कर दिया गया है। अन्य कालेज में औसतन हाजिरी लेने के बारे में सवाल पर बात टाल दी।
निर्णय वापिस न लिया तो आंदोलन
विद्यार्थी परिषद के परिसर अध्यक्ष दीपक शर्मा, सचिव पकंज ने बताया कि माले की शिकायत प्रदेश विवि रजिस्ट्रार को भी भेज दी थी, इस पर विवि की ओर से जवाब भी मिल गया है। रजिस्ट्रार का पत्र प्राचार्य को भी दे दिया गया है। पत्र में स्पष्ट है कि छात्र संघ चुनावों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार सभी विषयों में औसतन 75 प्रतिशत उपस्थिति होना आवश्यक है। कालेज प्रबंधन ने निर्णय वापिस नहीं लिया तो परिषद आंदोलन का रुख अपनाएगी। और कालेज प्रबंधन के अड़ियल रवैये को सहन नहीं किया जाएगा। विवि की ओर से प्राप्त पत्र से भी स्पष्ट हो चुका है कि कालेज प्रबंधन राजनीतिक दबाव में कार्य कर रहा है।
