
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में बढ़ती मरीजों की तादाद से अब स्टाफ ही नहीं बल्कि मरीजों के साथ आने वाले लोग भी परेशान हैं। आलम यह है कि अस्पताल में एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती हैं। इस कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल में किए गए इंतजाम मरीजों की बढ़ी तादाद के अनुरूप अब कम पड़ने लगे हैं।
लोगों ने अस्पताल के ढांचागत विस्तार की मांग भी उठाई है। अस्पताल में नौ दिन से दो प्रेगनेंट महिलाओं का एक ही बेड पर उपचार चल रहा है। करीब नौ करोड़ की लागत से बने इस आलीशान अस्पताल की स्थिति बेहद दयनीय है। बढ़ती गरमी से अस्पताल में ओपीडी में जहां सैकड़ों की संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं क्षेत्रीय अस्पताल के गायनी वार्ड में एक बिस्तर पर दो-दो महिलाओं का इलाज चल रहा है। हर वक्त महिलाओं के बेड से नीचे गिरने की आशंका रहती है।
मणिकर्ण घाटी के संतेहड़ निवासी रीना देवी ने कहा कि वह प्रेगनेंट हैं तथा अस्पताल में नौ दिन से एक ही बेड पर दाखिल हैं। वहीं दियार के श्याम चंद ने कहा कि उनकी पत्नी को अस्पताल में करीब आठ दिन हो गए हैं और एक ही बिस्तर पर दो महिलाओं का उपचार किया जा रहा है। खराहल के रवि, दलियाड़ा के तारा चंद, इंद्र देव और दुर्गा देवी भी इस अव्यवस्था से परेशान हैं। गायनी वार्ड में लगाए गए कई बेडों में बेडशीट तक नहीं है।
जिला कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक दीनू राही ने कहा कि अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं। जल्द ही इस बारे मुख्यमंत्री से आग्रह किया जाएगा। अस्पताल के एसएमओ डा. कमल कूपर ने कहा कि अस्पताल में 200 बेडों की क्षमता है। गायनी में 35 फीसदी बेड लगे हैं लेकिन हालात को देखते हुए 35 अतिरिक्त बेड लगाए हैं। निजी बिस्तर न लगाने के आदेश ऊपर से मिले हैं। मजबूरन अस्पताल प्रशासन को एक बेड पर दो मरीजों का उपचार करना पड़ रहा है।
