
शिमला। हिमाचल प्रदेश सूचना आयोग ने अपने एक निर्णय में सहायक आबकारी एवं कराधान आयुक्त हमीरपुर को दंडित किया है, जबकि उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त केंद्रीय जोन मंडी को भविष्य में आरटीआई एक्ट के तहत मिली अपील की ठीक से सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं। यह सूचना जब्त की गई शराब को लेकर मांगी गई थी। यह निर्णय राज्य मुख्य सूचना आयुक्त भीम सेन की कोर्ट ने ओंकार सिंह चंदेल की अपील पर सुनाया है।
अपीलकर्ता ने टौणी देवी में आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से जब्त अवैध शराब को लेकर जानकारी मांगी, तो इसके अधूरा मिलने पर उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त मंडी जोन के समक्ष अपील दायर कर दी। इसे प्रथम अपीलेट अथारिटी ने इसलिए रद कर दिया, क्योंकि अपीलकर्ता सुनवाई के दौरान अदालत में व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित नहीं हुए। आयोग ने कहा कि आरटीआई रूल्स 2006 के मुताबिक अगर अपीलकर्ता दी गई तिथि को सूचना आयोग के समक्ष सुनवाई को हाजिर नहीं हो पाता है, तो अपीलेट अथारिटी को मामले को मेरिट के आधार पर सुनना होगा। आयोग की ओर से प्रथम अपीलेट अथारिटी यानी उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त को चेताया जाता है कि वह भविष्य में इस प्रावधान को ध्यान में रखें और हर अपील को आरटीआई एक्ट 2005 के तहत दर्ज किया जाए। साथ ही दो बिंदुओं पर जान-बूझकर गलत सूचना देने पर जनसूचना अधिकारी यानी एईटीसी को 12 हजार रुपये की पेनल्टी लगाते हुए इसे दो बराबर किस्तों में सरकारी कोष में जमा करने के निर्देश दिए।
