
दलाश (कुल्लू)। दलाश के ऋषि पंचमी मेले की दूसरी एवं आखिरी सांस्कृतिक संध्या लोकगायक डिंपल ठाकुर और सरिता बुशैहरी के नाम रही। संध्या में दोनाें कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीत गाकर पंडाल में बैठे लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
सांस्कृतिक संध्या में पहले सरिता बुशैहरी ने कार्यक्रम का आगाज किया। उन्होंने सबसे पहले माता की भेंट ओ लाल मेरे..की प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद बुरा नहीं मानना…, ओ सुमित्रा…,गिरी रे गिरी रे गिरी…,बबली प्यारीए…समेत कई गीत पेश कर पंडाल में बैठे दर्शकों को जमकर नचाया। लोक गायक डिंपल ठाकुर ने कुल्लवी नाटी वाणीओ लो बेशो लो बाणीओ…, रेउशीए थाचे वांगीए…नाटी प्रस्तुत की। उन्होंने सुरमणिए ओ मेरी सुरमणिए…, पीणी व्हीस्की-व्हीस्की…, काली आ रो हांडो…, भगतू मामा संते रामा…, सेओरा सीजना…जैसी कई पहाड़ी नाटियां प्रस्तुत कर लोगों को नचाया। सांस्कृतिक संध्या में केडी शर्मा इंजीनियर पार्वती प्रोजेक्ट बतौर मुख्य अतिथि शरीक हुए। उन्हाेंने लोगों को दलाश मेले की बधाई देते हुए कहा कि मेले जहां हमारी प्राचीन संस्कृति की पहचान है, वहीं इन मेलों से प्राचीन संस्कृति को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने संध्या के सफल आयोजन के लिए मेला कमेटी को 11 हजार रुपये दिए। इस अवसर पर चंद्रमोहन सूद, जोनल कांग्रेस अध्यक्ष विकास गोस्वामी, मेला कमेटी अध्यक्ष जगमोहन सूद, कोषाध्यक्ष अनु वर्मा, सुनील पुरी, अशोक सिंघा आदि मौजूद रहे।
