ऊना शहर में ट्रैफिक नियम दरकिनार

ऊना। मंदिरों और गुरुद्वारों की धरती ऊना में ट्रैफिक नियम दरकिनार हो रहे हैं। यहां पर पुलिस के सामने ही नियम तोड़े जा रहे हैं। दोपहियों पर ट्रिप्पल राइडिंग जान को जोखिम में डालने के बराबर है। महिलाएं और बुजुर्ग भी नियम तोड़ने में पीछे नहीं हैं। वहीं स्कूल और कॉलेजों के छात्र सबसे यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं। इनमें से बहुत तो ऐसे हैं जो अभी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के योग्य भी नहीं हुए हैं।
शुक्रवार को दोपहर के समय 12.10 बजे ‘अमर उजाला’ की टीम रोटरी चौक से रेड लाइट चौक पर पहुंची। रोटरी चौक पर पुलिस के सामने ही कई नाबालिग बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग ट्रैफिक नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाते नजर आए। सवा एक बजे के करीब एक महिला पुलिस कर्मी यातायात व्यवस्थाओं का जिम्मा संभाला। इसी दौरान कॉलेज की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार डिस्कवर बाइक चौक से कुछ पहले रुकी। बाइक पर तीन कालेज छात्र सवार थे। बाइक चलाने वाले किशोर ने पीछे बैठे युवकों से उतरने का इशारा किया और दोनों किशोर उतर गए। दोनों युवक पैदल चलकर चौक पास कर फिर बाइक पर सवार होकर आगे बढ़ गए। हालत यह थी कि कई बाइक सवार पुलिस सामने नियमों को ताक पर रखकर महिला पुलिस कर्मी के सामने से ट्रिप्पलिंग कर गुजर रहे थे। स्थानीय मेन बाजार और बस अड्डा चौक की ओर से ट्रिप्पल राइडिंग करने वाले लोग बेझिझक वहां से गुजर रहे थे। पुराना बस अड्डा चौक पर हर समय वाहनों का तांता लगा रहता है। यहां कम से कम दो यातायात पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं। वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से जाम की स्थिति बनी हुई थी।

ऐ लोकी बड़े ढीठ हन
गलुआ रोड के पास दो पुलिस कर्मी ट्रैफिक ड्यूटी पर थे। उनके सामने से भी कई बच्चे, महिलाएं बुुजुर्ग यातायात नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे थे। जब पुलिस कर्मचारियों से बात की और उनसे पूछा कि नियम तोड़ने वाले इन लोगों को पकड़ते क्यों नहीं? तब एक पुलिस कर्मी ने जवाब दिया इन्हें कौन पकड़ेगा जी? ये नहीं मानते। मरेंगे तो भी हमें ही सियापा डालेंगे। दूसरे पुलिस कर्मी ने स्थानीय बोली में कहा कि इन्हा लोकां ने कदी नी सुधरना। ऐ लोकी बड़े ढीठ हन।

क्या कहते हैं एसपी
एसपी अनुपम शर्मा ने कहा कि पुलिस समय-समय पर अभियान चलाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को सबक सिखाती है। सड़क हादसों को कम करने के लिए विशेष अभियान के तहत ड्राइविंग लाइसेंस, हेल्मेट की अनिवार्यता के लिए कड़े कदम उठाएंगे। ट्रिप्पल राइडिंग को रोकने के लिए भी पुलिस अभियान चलाएगी।

इस वर्ष 32 लोगों की हुई मौत
जिला ऊना में वर्ष 2013 के दौरान 239 दुर्घटनाओं में 63 व्यक्तियों की मृत्यु हुई एवं 462 घायल हुई। वहीं इस वर्ष प्रथम जनवरी से 31 मार्च तक दुर्घटनाओं के 46 केस पंजीकृत हुए हैं। जिनमें 32 लोगों के मृत्यु हुई है और 73 घायल हुए हैं। मोटर वाहन अधिनियम के तहत वर्ष 2013 में 24 हजार 249 चालान करके एक करोड़ 600 रुपये जुर्माना किया गया। इस वर्ष 31 मार्च तक 7109 चालान करके 29 लाख 47 हजार 400 रूपये का जुर्माना लगाया गया है। ओवरलोडिंग, खतरनाक ढंग से ड्राइविंग करने एवं वाहनों की छत्तों एवं उनके पीछे लटकर यात्रियों द्वारा सवारी करने के इस वर्ष अब तक 340 चालान किए गए हैं। ड्राइविंग करते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर इस वर्ष 162, ओवर स्पीड एवं असावधानी से गाड़ी चलाने पर 937 तथा नशे में वाहन चलाने पर 48 चालान किए गए हैं। निजी वाहनों को यात्री वाहन के रूप में इस्तेमाल करने के 70 मामलों पर इस वर्ष चालान किए गए हैं।

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