
ऊना। जिले भर के स्कूलों में कार्यरत मिड-डे मील कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। मंगलवार को इन कार्यकर्ताओं ने रैली निकाल सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया।
मिड डे मील वर्कर्स संघ की अध्यक्ष बलविंद्र कौर की अध्यक्षता में निकाली गई इस रैली में सीटू, किसान सभा, एसएफआई, डीवाईएफआई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी शिरकत की। उन्होंने प्रदेश सरकार से मिड डे मील वर्करों, सहायकों, आशा वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित करने, वेतन वृद्धि देने, वर्करों को नियुक्ति पत्र देने तथा उन्हें स्कूल से न निकाले जाने की मांग उठाई। उसके उपरांत उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ज्ञापन भेजा।
सीटू के जिलाध्यक्ष ओम दत्ता एवं सचिव गुरनाम सिंह ने कहा कि सालों से लंबित चल रही मांगों को सरकार अनदेखा कर रही है, जो सरासर मिड-डे मील वर्करों से अन्याय है। उन्होंने कहा कि पूरा दिन काम करने के बावजूद उन्हें काम के बराबर वेतन नहीं मिल रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मांगे न मानने पर आने वाले दिनों में संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर को दिल्ली में संसद मार्च में ऊना से भी कार्यकर्ता भाग लेगे। उन्होंने कहा कि फसल को जंगली जानवरों द्वारा उजाड़ने पर किसानों को मुआवजा दिया जाए। वहीं बेराजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की फसलों, फलों व फूलों की मंडीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर मिड डे मील कार्यकर्ता सुनीता, बलजीत, अनुराधा, रंजना, प्रोमिला, सुरेखा, उर्मिला, सोमा, किरण बाला, अंजना देवी सहित दर्जनाें वर्करों ने हिस्सा लिया। अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं में केके राणा, विजय शर्मा, जोगा सिंह, सुखपाल सिंह, ओपी सिद्धू, प्यारा सिंह, हरपाल सिंह, हनी शौकर, राम सिंह, रमेश कुमार, रोहित कांडा, संजू सहोड़, लखवीर सिंह भी मौजूद रहे।
